प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अनियमितताओं की आशंका जताए जाने के बाद, पंजाब सरकार ने राज्य में नए शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

  • पंजाब सरकार ने नए शस्त्र लाइसेंस जारी करने पर रोक लगा दी है।
  • ED ने लाइसेंसिंग प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं की ओर इशारा किया है।
  • मौजूदा लाइसेंसों का नवीनीकरण (Renewal) सामान्य रूप से जारी रहेगा।
  • राज्य में केवल 2% आबादी होने के बावजूद 10% लाइसेंस प्राप्त हथियार हैं।

पंजाब में बढ़ते 'गन कल्चर' को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने एक कड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने सभी जिला कलेक्टरों को मौखिक निर्देश जारी किए हैं कि राज्य में फिलहाल कोई भी नया शस्त्र लाइसेंस जारी न किया जाए। यह निर्णय तब लिया गया है जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में संदिग्ध गतिविधियों और 'अनियमितताओं' की ओर संकेत किया है।

क्यों लिया गया यह निर्णय?

इस पूरे मामले की जड़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा जुलाई में पुलिस प्रमुख को लिखा गया एक पत्र है। ED ने खुलासा किया कि लाइसेंस प्रक्रिया में बिचौलियों का हस्तक्षेप बढ़ गया है। एक मामले में, एक कथित बिचौलिए ने लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एक जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) से संपर्क किया था। सरकार को आशंका है कि कई मामलों में लाइसेंस जारी करने के पीछे कुछ 'अघोषित समझौते' या भ्रष्टाचार हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि शस्त्र लाइसेंस की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, पंजाब की स्थिति काफी चिंताजनक है। भारत की कुल जनसंख्या का मात्र 2% होने के बावजूद, देश के कुल नागरिक लाइसेंस प्राप्त हथियारों का लगभग 10% हिस्सा अकेले पंजाब में है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में लगभग 3.46 लाख लाइसेंस धारक हैं, जिनके पास कुल 4.3 लाख से अधिक पंजीकृत हथियार हैं।

नियम और सख्ती

वर्तमान नियमों के तहत, जिला मजिस्ट्रेटों को पुलिस बैकग्राउंड चेक, खतरे का आकलन और 2018 में शुरू किए गए अनिवार्य 'डोप टेस्ट' के बाद ही लाइसेंस देना होता है। RTI से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, 2018 के बाद से 3.65 लाख आवेदकों में से 55,318 लोग डोप टेस्ट में फेल पाए गए, जिनमें अमृतसर जिला सबसे आगे रहा।

हथियारों का बढ़ता चलन और कार्रवाई

आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने पहले भी बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। मार्च 2023 में मोहाली और पठानकोट सहित विभिन्न जिलों में 800 से अधिक लाइसेंस रद्द किए गए थे। हाल ही में, पंजाब पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों के प्रदर्शन और उत्सवों में फायरिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाते हुए लगभग 7,000 और लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की है।

क्या आप जानते हैं?: हालांकि पंजाब में हथियारों का घनत्व बहुत अधिक है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, राज्य में होने वाले अपराधों में लाइसेंस प्राप्त हथियारों की भूमिका 1% से भी कम है; अधिकांश हिंसा अवैध हथियारों से होती है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या पुराने लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे?
उत्तर: नहीं, वर्तमान में केवल नए लाइसेंसों पर रोक लगाई गई है। मौजूदा लाइसेंसों का नवीनीकरण (Renewal) सामान्य प्रक्रिया के तहत जारी रहेगा।

प्रश्न 2: लाइसेंस रद्द करने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: मुख्य कारण लाइसेंसिंग प्रक्रिया में अनियमितताएं, आपराधिक पृष्ठभूमि और सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करना है।