उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने शामली में अंकित बालियान हत्याकांड के संदिग्धों की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत पर जिला मजिस्ट्रेट से रिपोर्ट मांगी है। पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है।

  • मानवाधिकार आयोग ने शामली के डीएम से 13 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है।
  • मोहित और सुमित की पुलिस और SWAT टीम के साथ मुठभेड़ में मौत हुई थी।
  • पूर्व IPS अमिताभ ठाकुर ने 'फर्जी एनकाउंटर' की आशंका जताई है।

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में चर्चित हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग ने गुरुवार को इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए शामली के जिला मजिस्ट्रेट (DM) से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। यह रिपोर्ट उन दो संदिग्धों, मोहित और सुमित, की मौत के संबंध में मांगी गई है, जो पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे।

यह मामला तब गरमाया जब आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष और 1992 बैच के पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आयोग में एक शिकायत दर्ज कराई। ठाकुर ने आरोप लगाया कि पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर कथित तौर पर 'फर्जी एनकाउंटर' के जरिए मार डाला। आयोग ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रिपोर्ट 13 नवंबर, 2026 तक जमा करने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 16 नवंबर के लिए निर्धारित की है।

मुठभेड़ की पृष्ठभूमि और आरोप

पुलिस के अनुसार, मोहित और सुमित पर 50,000-50,000 रुपये का इनाम घोषित था। वे शामली पुलिस और SWAT (स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स) टीम के साथ हुई एक मुठभेड़ में मारे गए थे। हालांकि, सुमित के पिता, धर्मपाल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने सुमित के भाई के साथ तीसरे दर्जे (third-degree) की मारपीट की है।

पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि परिस्थितियों की गहन जांच आवश्यक है।

अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त को शामली में उनके जिम के बाहर चार हमलावरों द्वारा की गई थी। इस घटना ने न केवल संगीत जगत बल्कि स्थानीय राजनीति और कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह मामला उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों की बढ़ती घटनाओं और मानवाधिकारों के बीच के संघर्ष को रेखांकित करता है। यदि जांच में अनियमितताएं पाई जाती हैं, तो यह कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।

Did You Know?: उत्तर प्रदेश में 'एनकाउंटर' की घटनाओं पर अक्सर मानवाधिकार संगठनों द्वारा न्यायिक निगरानी की मांग की जाती रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: मानवाधिकार आयोग ने रिपोर्ट कब तक मांगी है?
उत्तर: आयोग ने जिला मजिस्ट्रेट को 13 नवंबर, 2026 तक रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

प्रश्न 2: अंकित बालियान कौन थे?
उत्तर: अंकित बालियान शामली के रहने वाले एक प्रसिद्ध हरियाणवी गायक और यूट्यूबर थे।