मंगलुरु-अथराडी स्टेट हाईवे 67 पर स्थित करंबर का पुराना आर्च ब्रिज धंसने के कारण यातायात बाधित हो गया है। PWD अब हल्के वाहनों के लिए कंक्रीट पाइपों का उपयोग करके एक अस्थायी मिट्टी का पुल बना रहा है।

  • करंबर आर्च ब्रिज का एक हिस्सा बुधवार को धंस गया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
  • PWD ने ₹2 करोड़ की लागत से पुनर्निर्माण का प्रस्ताव मार्च 2025 में ही भेजा था।
  • हल्के वाहनों के लिए अस्थायी मिट्टी का पुल बनाया जा रहा है, जो एक सप्ताह में तैयार होगा।
  • भारी वाहनों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।

मंगलुरु-अथराडी स्टेट हाईवे 67 (SH-67) पर स्थित करंबर आर्च ब्रिज का एक हिस्सा बुधवार को अचानक धंस गया, जिससे मंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और बाजपे के बीच यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। यह घटना उस समय हुई जब सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने सुरक्षा कारणों से पुल पर वाहनों की आवाजाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

यह विडंबना ही है कि इस संकट को टाला जा सकता था। PWD ने मार्च 2025 में ही इस पुल के पुनर्निर्माण के लिए ₹2 करोड़ का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। विभाग ने स्पष्ट किया था कि प्राकृतिक आपदाओं और समय के साथ पुल की संरचना कमजोर हो गई है। हालांकि, प्रशासन की ओर से देरी के कारण अब यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे के रखरखाव में देरी न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे कि हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। करंबर पुल का टूटना प्रशासनिक सुस्ती का एक बड़ा उदाहरण है।

प्रशासनिक देरी अक्सर बुनियादी ढांचे की विफलता का मुख्य कारण बनती है, जिसे समय रहते रोका जा सकता था।

वर्तमान स्थिति में, PWD इंजीनियरों ने यातायात को सुचारू बनाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। विभाग क्षतिग्रस्त पुल के बगल में कंक्रीट पाइपों का उपयोग करके एक अस्थायी मिट्टी का पुल (earthen culvert) बना रहा है। इंजीनियरों के अनुसार, यह संरचना लगभग एक सप्ताह में तैयार हो जाएगी, लेकिन यह केवल हल्के मोटर वाहनों (LMVs) के लिए ही उपलब्ध होगी।

भारी वाहनों (HMVs) को मजबूरन लंबे वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय प्रशासन और उपायुक्त (DC) जल्द ही यातायात डायवर्जन योजना को औपचारिक रूप देने के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करेंगे। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे बाजपे से हवाई अड्डे की ओर जाने के लिए वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

करंबर का यह पुराना आर्च ब्रिज 1963 में निर्मित किया गया था। छह दशकों से अधिक समय तक सेवा देने के बाद, निरंतर मानसून और प्राकृतिक क्षरण के कारण इसकी संरचनात्मक अखंडता समाप्त हो गई थी।

Did You Know?: करंबर पुल का यह हिस्सा 60 साल से अधिक पुराना था, जो 1963 में बनाया गया था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या हवाई अड्डे जाने वाले यात्रियों को परेशानी होगी?
उत्तर: शहर से हवाई अड्डे जाने वालों को समस्या नहीं होगी, लेकिन बाजपे से हवाई अड्डे जाने वालों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना होगा।

प्रश्न 2: अस्थायी पुल पर कौन से वाहन चल सकेंगे?
उत्तर: अस्थायी मिट्टी के पुल पर केवल हल्के मोटर वाहन (LMVs) ही चल सकेंगे।