नेपाल में ग्लेशियर टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद, सैकड़ों अज्ञात शवों की पहचान के लिए वैज्ञानिक डीएनए तकनीक का सहारा ले रहे हैं। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे यह प्रक्रिया मृत शरीर और परिजनों के बीच संबंध स्थापित करती है।

  • नेपाल और तिब्बत में ग्लेशियर पिघलने से आई बाढ़ में 1,270 से अधिक मौतें हो चुकी हैं।
  • सैकड़ों शवों की पहचान के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग और इंटरपोल के DVI प्रोटोकॉल का उपयोग किया जा रहा है।
  • भारत और चीन ने पहचान प्रक्रिया में मदद के लिए फॉरेंसिक टीमें भेजी हैं।

नेपाल के langtang lirung पर्वत शिखर के पास ग्लेशियर टूटने के एक सप्ताह बाद, स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है। मलबे, कीचड़ और पानी के सैलाब ने घाटी में भारी तबाही मचाई है। अब, सबसे बड़ी चुनौती उन सैकड़ों शवों की पहचान करना है जो बाढ़ के कारण क्षत-विक्षत या सड़ चुके हैं।

डीएनए परीक्षण की आवश्यकता क्यों है?

काठमांडू में फॉरेंसिक टीमें उन शवों की पहचान करने के लिए संघर्ष कर रही हैं जिन्हें केवल देखकर पहचानना असंभव है। Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, कई शव पानी में लंबे समय तक रहने के कारण सड़ चुके हैं। ऐसे मामलों में, टैटू या गहनों जैसी दृश्य पहचान विफल हो जाती है।

आणविक जीवविज्ञानी Kerstin Montelius के अनुसार, जब कोमल ऊतक (soft tissue) नष्ट हो जाते हैं, तब भी हड्डियों और दांतों से डीएनए निकाला जा सकता है। यह तकनीक तब निर्णायक साबित होती है जब विजुअल आइडेंटिफिकेशन पूरी तरह विफल हो जाए।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि आपदा प्रबंधन में फॉरेंसिक विज्ञान केवल कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि शोक संतप्त परिवारों को मानसिक शांति प्रदान करने का एकमात्र साधन है। सही पहचान के बिना, परिवारों को कभी भी अपने प्रियजनों की मृत्यु की आधिकारिक पुष्टि नहीं मिल सकती।

दृश्य पहचान प्रारंभिक चरणों में भ्रम पैदा कर सकती है, लेकिन डीएनए एक अचूक प्रमाण प्रदान करता है।

पहचान की प्रक्रिया में Interpol के 'डिजास्टर विक्टिम आइडेंटिफिकेशन' (DVI) ढांचे का पालन किया जा रहा है। इसमें तीन मुख्य विधियों का उपयोग होता है: डीएनए तुलना, उंगलियों के निशान (fingerprints), और दांतों की तुलना।

अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और सहायता

इस संकट की घड़ी में पड़ोसी देशों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भारत ने 19 सदस्यीय फॉरेंसिक टीम भेजी है जो नेपाल पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है। वहीं, चीन ने भी डीएनए विशेषज्ञों का एक दल और आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है।

पहचान विधिउपयोगिताचुनौती
डीएनए (DNA)अत्यधिक प्रभावी (हड्डियों से भी संभव)नमूनों का क्षरण (Degradation)
फिंगरप्रिंट्सत्वरित पहचानशरीर के सड़ने पर असंभव
दंत चिकित्सापुराने रिकॉर्ड की आवश्यकतारिकॉर्ड उपलब्ध न होना
Did You Know?: डीएनए केवल रक्त से ही नहीं, बल्कि पुराने टूथब्रश या बालों के ब्रश से भी निकाला जा सकता है।

Frequently Asked Questions

1. डीएनए परीक्षण के लिए परिजनों को क्या करना होगा?
परिजनों को अपने रक्त के नमूने देने होंगे ताकि लापता व्यक्ति के डीएनए से उनकी तुलना की जा सके।

2. क्या विदेशी नागरिकों की पहचान संभव है?
हाँ, उनके देश के परिजन वहां डीएनए परीक्षण कराकर परिणाम नेपाल पुलिस को ईमेल कर सकते हैं।