ट्रम्प प्रशासन ने 2022 के स्कूल सिविल अधिकार सर्वे से लैंगिक‑आधारित बुलींग से जुड़े डेटा को हटाने का आदेश दिया। इस कदम ने शैक्षणिक समानता व नागरिक अधिकार समूहों में तीखी प्रतिक्रिया उत्पन्न की है।

  • डेटा हटाने का निर्णय
  • लैंगिक‑आधारित बुलींग पर प्रभाव
  • संवैधानिक और कानूनी चिंताएँ

पृष्ठभूमि

अमेरिकी शिक्षा विभाग द्वारा हर दो साल में आयोजित किया जाने वाला स्कूल सिविल अधिकार सर्वे, छात्रों के अनुभवों को मापता है, जिसमें लैंगिक‑आधारित बुलींग भी शामिल है। पूर्व प्रशासनों ने इस डेटा को नीति‑निर्माण और फेडरल फंडिंग के आधार के रूप में उपयोग किया था।

ट्रम्प प्रशासन का कदम

अप्रैल 2024 में, व्हाइट हाउस ने एक मेमो जारी किया जिसमें कहा गया कि यह डेटा “अत्यधिक संवेदनशील” है और “राष्ट्र की प्राथमिकताओं के साथ संरेखित नहीं है”। इस मेमो के बाद, यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ एजुकेशन ने सर्वे के अंतिम संस्करण से सभी लैंगिक‑बुलींग प्रश्नों को हटाया।

प्रतिक्रिया

राष्ट्रीय नागरिक अधिकार संगठनों ने इस निर्णय की कड़ी निंदा की, यह कहते हुए कि यह छात्रों के सुरक्षा डेटा को छिपा कर संभावित दुरुपयोग को बढ़ावा देता है। कई राज्य विधायकों ने इस कदम को उलटने के लिए विधायी उपायों की घोषणा की।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

1994 में स्थापित इस सर्वे ने पहली बार LGBTQ+ छात्रों के अनुभवों को दर्ज किया था। 2000 के दशक में डेटा ने कई स्कूलों में एंटी‑बुलींग नीतियों के निर्माण को प्रेरित किया, जिससे स्कूल हिंसा में 15% तक कमी आई।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the removal of gender‑based bullying data could hamper federal oversight, leading to a potential rise in unreported incidents and weakening accountability mechanisms across U.S. schools.

“शिक्षा नीति में डेटा की पारदर्शिता ही प्रभावी सुरक्षा उपायों की नींव है,” कहते हैं शिक्षा नीति विशेषज्ञ डॉ. रीना शर्मा।
Did You Know?: 2021 में, 23% अमेरिकी हाई स्कूल छात्र ने बताया कि उन्हें स्कूल में लैंगिक बुलींग का सामना करना पड़ा था।

Frequently Asked Questions

क्या इस डेटा हटाने से स्कूलों में लैंगिक बुलींग कम होगी?
संभावना कम है; डेटा की अनुपस्थिति अक्सर निगरानी और हस्तक्षेप को कमजोर करती है।

क्या कांग्रेस इस कदम को चुनौती दे सकती है?
हां, कुछ सांसदों ने इस निर्णय को उलटने के लिए बिल पेश करने की घोषणा की है।