मैसूर के पास बीलीकेरे में केएसआरटीसी की एक इलेक्ट्रिक बस में अचानक आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि सभी 18 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

  • मैसूर के पास बीलीकेरे में केएसआरटीसी की इलेक्ट्रिक बस में आग लगी।
  • बस में सवार सभी 18 यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
  • ब्रेक जाम होने के बाद टायर से आग की लपटें उठने लगी थीं।
  • घटना के बाद यात्रियों को वैकल्पिक बस से गंतव्य तक भेजा गया।

कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) की एक इलेक्ट्रिक बस शनिवार शाम को मैसूर से लगभग 20 किमी दूर बीलीकेरे के पास आग की चपेट में आ गई। इस घटना के दौरान बस में सवार 18 यात्री मौत के मुंह से बाल-बाल बच गए। बस पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गई और काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गई।

यह घटना शाम करीब 5:40 बजे की है, जब बस विराजपेट से बेंगलुरु की ओर जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक बस के ब्रेक जाम हो गए, जिसके तुरंत बाद एक टायर से धुआं और आग की लपटें निकलने लगीं। ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया, जिससे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने का समय मिल गया।

हादसे का क्रम और बचाव कार्य

केएसआरटीसी के मंडल नियंत्रक (मैसूर ग्रामीण मंडल) वीरेश एच.टी. ने बताया कि चालक ने खतरे को भांपते हुए तत्काल कार्रवाई की। हालांकि बस चालक दल ने अग्निशमन यंत्रों (fire extinguishers) का उपयोग करके आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन लपटें इतनी तेजी से फैलीं कि उन्हें रोकना मुश्किल हो गया। सूचना मिलते ही दमकल और आपातकालीन सेवाओं ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी और ब्रेक सिस्टम की विफलता से होने वाली आग अत्यंत खतरनाक होती है, जिसके लिए त्वरित प्रतिक्रिया अनिवार्य है।

जांच में यह बात सामने आई है कि यह इलेक्ट्रिक बस केएसआरटीसी के बेंगलुरु स्थित सेंट्रल डिवीजन (BCD-4) की थी। घटना के बाद यात्रियों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रशासन ने तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए उन्हें दूसरी बस के माध्यम से उनके गंतव्य तक पहुँचाया।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों का बढ़ता उपयोग एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इस तरह की तकनीकी खामियां सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बैटरी और मैकेनिकल सिस्टम (जैसे ब्रेक) के बीच का तालमेल सुनिश्चित करना भविष्य की यात्राओं के लिए महत्वपूर्ण है।

Did You Know?: इलेक्ट्रिक बसों में लिथियम-आयन बैटरी का उपयोग होता है, जिन्हें यदि सही ढंग से प्रबंधित न किया जाए तो 'थर्मल रनवे' की स्थिति में आग बुझाना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: क्या इस हादसे में कोई हताहत हुआ?
उत्तर: नहीं, सभी 18 यात्री सुरक्षित बचा लिए गए और किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

प्रश्न 2: आग लगने का मुख्य कारण क्या था?
उत्तर: प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, ब्रेक जाम होने के कारण टायर में घर्षण पैदा हुआ, जिससे आग लग गई।