केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि भारत सरकार 2029 तक देश को नशामुक्त बनाने के लिए एक व्यापक रोडमैप पर काम कर रही है। इस मिशन के तहत 100 ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने और 100 भगोड़ों को वापस लाने का लक्ष्य रखा गया है।

  • 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य।
  • 100 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने की योजना।
  • 100 भगोड़े अपराधियों को वापस लाने का मिशन।
  • नशामुक्ति के लिए चार-स्तंभीय दृष्टिकोण (Four-Pillared Approach) का कार्यान्वयन।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को पणजी में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद देश की आंतरिक सुरक्षा और नशीले पदार्थों के खिलाफ चल रहे युद्ध पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नरेंद्र मोदी सरकार का लक्ष्य 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाना है, क्योंकि एक नशामुक्त युवा शक्ति ही 2047 तक 'विकसित भारत' के सपने को साकार कर सकती है।

नशामुक्त भारत के लिए चार-स्तंभीय रणनीति

गृह मंत्री ने बताया कि सरकार का तीन साल का रोडमैप चार मुख्य स्तंभों पर आधारित है: खुफिया जानकारी और ऑपरेशन-आधारित प्रवर्तन, सिंथेटिक दवाओं पर नियंत्रण, मांग में कमी और नुकसान को कम करना, तथा क्षमता निर्माण और समन्वय। उन्होंने कहा कि पहले नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई छोटे स्तर पर लड़ी जाती थी, लेकिन अब इसे राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बना दिया गया है।

बड़ी उपलब्धियां और भविष्य के लक्ष्य

अमित शाह ने आंकड़ों के साथ सरकार की सफलता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि जुलाई 2019 से जुलाई 2026 के बीच, 36 देशों से 274 वांछित अपराधियों को भारत वापस लाया गया है। सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक 100 अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स को खत्म करना और 100 प्रमुख भगोड़ों को वापस लाना है।

नशीले पदार्थों के खिलाफ यह लड़ाई केवल कानून प्रवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पुनर्वास और जागरूकता भी शामिल है।

क्यों यह महत्वपूर्ण है?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि नशीली दवाओं का व्यापार केवल एक सामाजिक बुराई नहीं है, बल्कि यह देश की अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। ड्रग नेटवर्क के वित्तपोषण को रोकना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय स्थापित करना भारत की संप्रभुता के लिए आवश्यक है।

ऐतिहासिक संदर्भ और सुरक्षा सुधार

2019 में, केंद्र ने NCORD (National Coordination Committee for Countering Drug Trafficking) तंत्र की स्थापना की थी, जिसने राज्यों और केंद्र के बीच समन्वय को मजबूत किया है। इसके अलावा, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को भी अधिक जनशक्ति और आधुनिक तकनीक के साथ सुदृढ़ किया गया है।

Did You Know?: भारत सरकार ने नशा зависимости से जूझ रहे लोगों की सहायता के लिए '1933 MANAS' हेल्पलाइन शुरू की है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: सरकार का नशामुक्त भारत का लक्ष्य कब तक है?
उत्तर: सरकार का लक्ष्य मार्च 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाना है।

प्रश्न 2: NCORD क्या है?
उत्तर: NCORD एक चार-स्तरीय समन्वय तंत्र है जो ड्रग तस्करी के खिलाफ देश भर में समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करता है।