दिल्ली के मुखर्जी नगर में छापेमारी के दौरान नकली रेबीज वैक्सीन 'अभयराब' का बड़ा रैकेट पकड़ा गया है। जांच में वैक्सीन की गुणवत्ता और लेबलिंग में 17 गंभीर अंतर पाए गए हैं।

  • दिल्ली के मुखर्जी नगर में एक अवैध आवासीय परिसर से नकली रेबीज वैक्सीन जब्त की गई।
  • जांच में असली वैक्सीन और नकली शीशियों के बीच 17 मुख्य अंतर पाए गए।
  • नकली वैक्सीन की क्षमता (potency) मानक स्तर से बहुत कम पाई गई।
  • भारतीय इम्युनोलॉजिकल लिमिटेड (IIL) की ब्रांडिंग का दुरुपयोग किया गया।

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस, क्राइम ब्रांच और ड्रग्स कंट्रोल विभाग की एक संयुक्त छापेमारी ने राजधानी के मुखर्जी नगर इलाके में चल रहे एक खतरनाक नकली रेबीज वैक्सीन रैकेट का पर्दाफाश किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने शनिवार को पुष्टि की कि छापेमारी के दौरान 'अभयराब' (Abhayrab) नामक रेबीज वैक्सीन की नकली शीशियां बरामद की गईं। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच में सामने आए 17 बड़े अंतर

केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला (CDL), कसौली द्वारा किए गए परीक्षणों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। विशेषज्ञों ने पाया कि जब्त की गई शीशियों और असली बैच के नमूनों के बीच 17 महत्वपूर्ण अंतर थे। इन विसंगतियों में लेबलिंग, आर्टवर्क, क्यूआर कोड (QR code), ढक्कन का रंग, लाइसेंस विवरण और पैकेजिंग टेक्स्ट शामिल हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि नकली वैक्सीन की क्षमता (potency) निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थी, जिससे यह न केवल 'मिसब्रांडेड' बल्कि जीवन के लिए घातक भी साबित हो सकती है।

BozokMedia विश्लेषण: स्वास्थ्य सुरक्षा पर बड़ा खतरा

BozokMedia विश्लेषण दिखाता है कि इस तरह के जाली दवा रैकेट न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती हैं। रेबीज एक घातक बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है, और नकली वैक्सीन का उपयोग करने वाले व्यक्ति अनजाने में मृत्यु को निमंत्रण दे रहे हैं। नकली दवाओं का यह नेटवर्क अक्सर लाइसेंस प्राप्त वितरण चैनलों के समानांतर काम करता है, जिससे इसे पकड़ना मुश्किल हो जाता है।

नकली दवाओं का बाजार न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह सीधे तौर पर मानव जीवन के साथ खिलवाड़ है, विशेषकर रेबीज जैसी लाइलाज बीमारी के मामले में।

भारतीय इम्युनोलॉजिकल लिमिटेड (IIL), जो देश के रेबीज वैक्सीन बाजार का 40% हिस्सा नियंत्रित करती है, ने स्पष्ट किया है कि असली बैच के सभी 83,370 शीशियां केवल अधिकृत नेटवर्क के माध्यम से ही वितरित की गई हैं। कंपनी ने CDSCO से मांग की है कि इस नकली माल के स्रोत का पता लगाया जाए।

भारत में रेबीज का संकट और ऐतिहासिक संदर्भ

भारत दुनिया भर में रेबीज से होने वाली मौतों में 36% हिस्सेदारी रखता है। ICMR के एक हालिया अध्ययन के अनुसार, भारत में हर साल लगभग 5,726 लोग रेबीज के कारण अपनी जान गंवाते हैं। अधिकांश मामले कुत्तों के काटने से होते हैं। रेबीज वैक्सीन का समय पर और सही गुणवत्ता वाला मिलना जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है।

विशेषताअसली अभयराब (IIL)जब्त नकली शीशियां
निर्माताIndian Immunologicals Ltdअज्ञात/नकली
गुणवत्ता (Potency)मानक के अनुसार उच्चअमानक (Not of Standard Quality)
क्यूआर कोड/लेबलसत्यापित और सटीकविसंगतियों से युक्त
वितरणअधिकृत चैनलअवैध आवासीय परिसर
Did You Know?: रेबीज के लक्षण दिखने के बाद मृत्यु लगभग निश्चित होती है, इसलिए जानवर के काटने के तुरंत बाद सही वैक्सीन लेना अनिवार्य है।

Frequently Asked Questions

1. क्या बाजार में मौजूद सभी अभयराब वैक्सीन सुरक्षित हैं?
हाँ, यदि आप उन्हें अस्पताल या लाइसेंस प्राप्त फार्मेसी जैसे अधिकृत माध्यमों से प्राप्त करते हैं।

2. नकली वैक्सीन की पहचान कैसे करें?
पैकेजिंग, क्यूआर कोड और ढक्कन के रंग की सावधानीपूर्वक जांच करें और संदिग्ध होने पर अधिकारियों को सूचित करें।