श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट ने पुट्टपार्थी में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 38 दिवसीय 'टैली विद जीएसटी' प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की है। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

  • श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट द्वारा 38 दिवसीय मुफ्त प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत।
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की 35 महिलाओं को कौशल विकास का लाभ मिलेगा।
  • पुट्टपार्थी में जल्द ही एक स्थायी कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा।
  • कैनरा बैंक RSETI के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पुट्टपार्थी, श्री सत्य साईं जिला: महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से, श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट ने रविवार को पुट्टपार्थी में एक विशेष 'टैली विद जीएसटी' (Tally with GST) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस 38 दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य महिलाओं को आधुनिक लेखांकन (accounting) और कर प्रणाली में कुशल बनाना है।

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन श्री सत्य साईं सेंट्रल ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी आर.जे. रत्नाकर द्वारा किया गया। इस पहल में श्री सत्य साईं सेवा संगठन द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिसे कैनरा बैंक RSETI का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त है। वर्तमान बैच में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से जुड़ी 35 महिलाओं को शामिल किया गया है, जो इस कोर्स के माध्यम से पेशेवर कौशल हासिल करेंगी।

आत्मनिर्भरता की ओर एक कदम

उद्घाटन के दौरान, श्री रत्नाकर ने युवाओं और विशेषकर महिलाओं के लिए कौशल विकास के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "व्यावहारिक कौशल और सही प्रोत्साहन युवाओं को आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाने में मदद कर सकते हैं।" उन्होंने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि पुट्टपार्थी में जल्द ही एक स्थायी कौशल विकास केंद्र स्थापित किया जाएगा, जो निरंतर प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर प्रदान करेगा।

व्यावहारिक कौशल प्रदान करना केवल शिक्षा नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने का एक सशक्त माध्यम है।

व्यापक प्रभाव और ऐतिहासिक संदर्भ

संगठन के राज्य अध्यक्ष आर. लक्ष्मण राव ने बताया कि पिछले चार वर्षों में आंध्र प्रदेश में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रमों के माध्यम से लगभग 20,000 युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है। वर्तमान में राज्य में 23 स्थायी कौशल विकास केंद्र सफलतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। यह पहल डिजिटल इंडिया और कौशल भारत जैसे राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप है, जहाँ वित्तीय साक्षरता और तकनीकी दक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जीएसटी और टैली जैसे तकनीकी कौशल की मांग तेजी से बढ़ रही है। इस तरह के कार्यक्रम न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि करेंगे, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था में उनकी भागीदारी को भी सुदृढ़ करेंगे।

Did You Know?: टैली (Tally) भारत में छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा उपयोग किया जाने वाला सबसे लोकप्रिय अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर है।

Frequently Asked Questions

1. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कितने दिनों का है?
यह एक 38 दिवसीय नि:शुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम है।

2. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं को जीएसटी और टैली में तकनीकी रूप से कुशल बनाकर उन्हें रोजगार के योग्य बनाना है।