तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने हैदराबाद के पैराडाइज जंक्शन से डेयरी फार्म रोड और ORR को जोड़ने वाले प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का साइट निरीक्षण किया। इस परियोजना का उद्देश्य शहर के उत्तरी हिस्सों में यातायात के दबाव को कम करना और कनेक्टिविटी में सुधार करना है।
- मुख्य सचिव संजय जाजू ने पैराडाइज जंक्शन पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का ऑन-साइट निरीक्षण किया।
- दो प्रमुख कॉरिडोर प्रस्तावित हैं: एक NH-44 (डेयरी फार्म रोड तक) और दूसरा SH-1 (ORR तक)।
- परियोजना का लक्ष्य सिकंदराबाद, बोलारम और शमीरपेट के बीच यातायात के दबाव को कम करना है।
- अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण और अंतर-विभागीय समन्वय में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
हैदराबाद के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, तेलंगाना के मुख्य सचिव संजय जाजू ने रविवार को पैराडाइज जंक्शन पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर का विस्तृत निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शहर के सबसे व्यस्ततम जंक्शनों में से एक के आसपास यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और भविष्य की जरूरतों को पूरा करना है।
निरीक्षण के दौरान, मुख्य सचिव के साथ हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड (HMRL) के प्रबंध निदेशक सरफराज अहमद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों ने मुख्य सचिव को दो महत्वपूर्ण एलिवेटेड स्ट्रेच की कार्ययोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पहला कॉरिडोर NH-44 के साथ पैराडाइज जंक्शन से डेयरी फार्म रोड तक प्रस्तावित है, जबकि दूसरा कॉरिडोर SH-1 (राजीव राहदारी) के साथ पैराडाइज जंक्शन से बोलारम, गनरोक एन्क्लेव और शमीरपेट होते हुए आउटर रिंग रोड (ORR) को जोड़ेगा।
परियोजना का महत्व
इस परियोजना का प्राथमिक उद्देश्य हैदराबाद के उत्तरी क्षेत्रों से ORR तक पहुंच को तेज करना है। वर्तमान में, सिकंदराबाद-बोलारम-शमीरपेट मार्ग पर भारी यातायात का दबाव रहता है, जिससे यात्रियों को काफी समय बर्बाद करना पड़ता है। इन एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से सतह पर चलने वाले वाहनों का बोझ कम होगा और यात्रा का समय काफी घट जाएगा।
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि हैदराबाद जैसे तेजी से बढ़ते महानगर के लिए इस तरह के वर्टिकल इंफ्रास्ट्रक्चर विकास न केवल यातायात प्रबंधन के लिए, बल्कि शहरी आर्थिक विकास के लिए भी अनिवार्य हैं।
परियोजना को केवल वर्तमान यातायात के लिए नहीं, बल्कि अगले दो दशकों की वृद्धि को ध्यान में रखते हुए भविष्य के अनुकूल (Future-ready) बनाया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव जाजू ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि वे भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण (utility shifting) और आवश्यक वैधानिक मंजूरियों की प्रक्रिया को तेज करें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतर-विभागीय समन्वय में कोई कमी नहीं आनी चाहिए ताकि परियोजना बिना किसी बाधा के समय पर पूरी हो सके।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
हैदराबाद का पैराडाइज जंक्शन दशकों से शहर के प्रमुख प्रवेश द्वारों में से एक रहा है। जैसे-जैसे शहर का विस्तार उत्तर की ओर हुआ है, इस क्षेत्र में वाहनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जिससे मौजूदा सड़क नेटवर्क पर अत्यधिक दबाव पड़ा है। यह नया प्रोजेक्ट शहर के बुनियादी ढांचे को 'स्मार्ट सिटी' मानकों के अनुरूप ढालने का एक प्रयास है।
Frequently Asked Questions
1. यह नया कॉरिडोर किन क्षेत्रों को जोड़ेगा?
यह कॉरिडोर पैराडाइज जंक्शन को डेयरी फार्म रोड और शमीरपेट के माध्यम से आउटर रिंग रोड (ORR) से जोड़ेगा।
2. इस परियोजना का मुख्य लाभ क्या होगा?
इसका मुख्य लाभ सिकंदराबाद, बोलारम और शमीरपेट के बीच यातायात के दबाव को कम करना और यात्रा के समय में बचत करना है।