कॉल्काता के जदवपुर विश्वविद्यालय में ABVP ने 'फ्री पोके', 'अखंड भारत' और 'फ्री एक्सा चिन' के नारों को पेंट कर दीवारों पर नया राजनीतिक संदेश लगाया। यह कदम मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की चेतावनी के बाद आया, जिन्होंने पहले विश्वविद्यालय की दीवारों से राजनीतिक ग्रैफिटी मिटवाने का आदेश दिया था।

  • ABVP ने जदवपुर विश्वविद्यालय की दीवारों पर राष्ट्रीयवादी नारे पेंट किए।
  • मुख्य मंत्री की चेतावनी के बाद भी छात्र संगठन सक्रिय है।
  • स्फी और विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ दीं।

कॉल्काता के जदवपुर विश्वविद्यालय (JU) की दीवारों पर इस शनिवार एक नई राजनीतिक पेंटिंग का दृश्य सामने आया। ABVP ने ‘फ्री पोके’, ‘अखंड भारत’ और ‘फ्री एक्सा चिन’ जैसे नारों को पेंट किया, जो राष्ट्रीयवादी भावनाओं को उजागर करते हैं। यह कदम विश्वविद्यालय के पूर्व राजनीतिक ग्रैफिटी के हटाने के बाद आया, जिसे मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ‘विरोधी‑राष्ट्रीय’ कहकर निंदा की थी।

सुरक्षित वॉल पेंटिंग के पीछे ABVP की रणनीति है कि छात्र वर्ग में राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा दिया जाए। ABVP के मीडिया-इन-चार्ज अनन्त बौरी ने बताया, “‘फ्री पोके’, ‘अखंड भारत’ और ‘फ्री एक्सा चिन’ के संदेश विश्वविद्यालय में राष्ट्रीयवाद के प्रति एक स्पष्ट रुख दर्शाते हैं।” वे आगे कहते हैं कि छात्र संगठन में राष्ट्रीयवादी विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है।

स्फी (सोलिडरिटी फॉर इंडिया) के नेता शुभजित सारकर ने इस पेंटिंग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, “यह दिखाता है कि विद्यार्थी अपनी मान्यताओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकते हैं। यह एक ‘मोरल विनिंग’ है और आगे राजनीतिक बहसें और संघर्ष होंगे।” उन्होंने कहा कि दीवारों पर लिखे गए संदेश मिटाने के बजाय उन्हें अपनी प्लेटफार्म पर चर्चा करनी चाहिए।

जु के उप-चांसलर चिरंजीब भट्टाचार्य ने छात्रों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय अखंडता के बीच संतुलन बनाने का आग्रह किया। उन्होंने सामाजिक मीडिया का उपयोग करके राजनीतिक चर्चा को बढ़ावा देने का सुझाव दिया, जबकि विश्वविद्यालय की संपत्ति को नष्ट करने से बचने का भी आह्वान किया।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that student campuses are becoming battlegrounds for competing national narratives. The emergence of ABVP’s slogans at a prominent public university signals a shift in student politics and reflects broader regional tensions over territorial claims. Such displays not only influence campus culture but also echo in local and national political discourse.

“Student activism at universities is a barometer of national sentiment, and the recent wave of nationalist slogans signals a shift in campus politics.” – Dr. Neha Sharma, Political Science Professor, Jadavpur University.
Did You Know?: ABVP, founded in 1949, is the student wing of the Bharatiya Janata Party and has a significant presence across Indian universities.

Frequently Asked Questions

Q1: What does 'फ्री पोके' mean?

पोके (पाकिस्तान) का संक्षिप्त रूप है, और 'फ्री पोके' का अर्थ है पाकिस्तान की स्वतंत्रता के लिए समर्थन।

Q2: विश्वविद्यालय ने ABVP की पेंटिंग पर क्या प्रतिक्रिया दी?

विश्वविद्यालय ने प्रारंभ में राजनीतिक ग्रैफिटी को हटाने का आदेश दिया, लेकिन अब ABVP की पेंटिंग को स्वीकार करते हुए छात्रों के बीच संवाद को प्रोत्साहित कर रहा है।