कोझिकोड में राष्ट्रीय राजमार्ग 66 के चौड़ीकरण के बावजूद, अंधाधुंध ओवरटेकिंग और अवैध पार्किंग यात्रियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। प्रशासन अब रडार कैमरों से लैस इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए सख्त कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
- NH 66 पर अचानक लेन बदलना और अनियंत्रित ओवरटेकिंग बड़ी समस्या बन गई है।
- निजी बसों का प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश और भारी वाहनों की तेज रफ्तार गंभीर खतरा है।
- हाईवे पर अवैध पार्किंग और दुर्घटना हेल्पलाइन नंबरों की कमी सुरक्षा में बड़ी बाधा है।
- MVD रडार कैमरों और इंटरसेप्टर वाहनों के जरिए निगरानी बढ़ाने की योजना बना रहा है।
केरल के कोझिकोड जिले में हाल ही में चौड़ा किए गए राष्ट्रीय राजमार्ग 66 (NH 66) पर ड्राइविंग की खतरनाक आदतें सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए एक गंभीर चुनौती बन गई हैं। पुलिस और मोटर वाहन विभाग (MVD) की बार-बार की चेतावनियों के बावजूद, motorists द्वारा अचानक लेन बदलना और अंधाधुंध ओवरटेकिंग करना दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बन रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क पर प्रवर्तन (enforcement) की कमी के कारण, जो दाहिनी लेन ओवरटेकिंग के लिए आरक्षित है, उसे कई चालक सामान्य क्रूजिंग लेन के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इसके अलावा, निजी बसों का राजमार्ग के प्रतिबंधित हिस्सों में प्रवेश करना छह-लेन वाली इस सड़क पर हल्के मोटर वाहनों के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचे में सुधार (infrastructure upgrade) तब तक अधूरा है जब तक कि ड्राइविंग व्यवहार और प्रवर्तन में सुधार न हो। सड़क के चौड़े होने से गति तो बढ़ी है, लेकिन सुरक्षा मानकों के प्रति लापरवाही जानलेवा साबित हो रही है।
हाईवे के नए नियमों से परिचित न होना और अचानक लेन बदलना इस आधुनिक सड़क पर मौत को दावत देने जैसा है।
स्थानीय निवासियों और यात्रियों ने राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों में अवैध पार्किंग की समस्या पर भी चिंता जताई है। पन्थीरंकवु टोल प्लाजा के पास के निवासियों के अनुसार, मोटरसाइकिल सवारों द्वारा अचानक सड़क पर रुकना या खड़ा होना तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए घातक साबित हो रहा है। वहीं, कोयिलंडी-वडकरा खंड में भारी मालवाहक वाहनों की अवैध पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
एक और गंभीर समस्या दुर्घटना के बाद सहायता मिलने में होने वाली देरी है। रिकवरी वैन ऑपरेटरों का कहना है कि हाईवे पर कहीं भी दुर्घटना हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित नहीं किए गए हैं, जिससे घायलों और फंसे हुए यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
NH 66 भारत के पश्चिमी तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण राजमार्ग है, जिसे हाल के वर्षों में केरल के विभिन्न हिस्सों में चौड़ा किया गया है ताकि यातायात को सुगम बनाया जा सके। हालांकि, इस आधुनिकीकरण के साथ यातायात के पैटर्न में बदलाव आया है, जिससे पुराने ड्राइविंग कौशल और नए उच्च-गति नियमों के बीच टकराव पैदा हो रहा है।
Frequently Asked Questions
1. प्रशासन इन समस्याओं को कैसे हल करने की योजना बना रहा है?
MVD रडार कैमरों से लैस इंटरसेप्टर वाहनों का उपयोग करके और सभी निगरानी कैमरों को सक्रिय करके सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रहा है।
2. NH 66 पर मुख्य खतरा क्या है?
अचानक लेन बदलना, निजी बसों का अवैध प्रवेश और भारी वाहनों की अनियंत्रित गति मुख्य खतरे हैं।