पूर्व मंत्री थोप्पु एन.डी. वेंकटचलम ने ईरोड जिला प्रशासन से पेरुंदुरई-चेन्निमलाई सड़क चौड़ीकरण कार्य को तुरंत बहाल करने का आग्रह किया है, क्योंकि अधूरे काम से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
- ₹65.50 करोड़ की लागत से दो-लेन सड़क को चार-लेन में बदला जा रहा है।
- निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतों के कारण ठेकेदार ने काम रोक दिया है।
- खुली खाइयों और अधूरे पुलों के कारण सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है।
तमिलनाडु के ईरोड में बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर एक गंभीर मुद्दा सामने आया है। पूर्व मंत्री थोप्पु एन.डी. वेंकटचलम ने जिला कलेक्टर को एक याचिका सौंपते हुए पेरुंदुरई-चेन्निमलाई सड़क के चौड़ीकरण कार्य को तत्काल फिर से शुरू करने की मांग की है। यह सड़क खंड ईरोड-पेरुंदुरई-कांगेयम राज्य राजमार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो क्षेत्र की कनेक्टिविटी के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विवरण के अनुसार, यह परियोजना 20 फरवरी, 2026 को एकीकृत सड़क विकास योजना (2026-27) के तहत शुरू की गई थी। परियोजना का मुख्य उद्देश्य पेरुंदुरई पुराने बस स्टैंड से चेन्निमलाई तक के दो-लेन मार्ग को चार-लेन में परिवर्तित करना है, जिसके लिए ₹65.50 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। हालांकि, पिछले एक महीने से काम पूरी तरह ठप पड़ा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में इस तरह का ठहराव न केवल आर्थिक नुकसान पहुँचाता है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है। जब सरकारी ठेकेदार सामग्री की लागत बढ़ने का हवाला देकर काम छोड़ देते हैं, तो यह प्रशासनिक निगरानी और अनुबंध शर्तों में खामियों को उजागर करता है।
वर्तमान स्थिति यह है कि सड़क के दोनों ओर गहरी खाइयां खुदी हुई हैं और कई स्थानों पर पुलों का निर्माण अधूरा है। बिना किसी उचित चेतावनी संकेत या बैरिकेडिंग के, ये खुले गड्ढे रात के समय मोटर चालकों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। श्री वेंकटचलम ने मांग की है कि प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे और सुरक्षा उपायों को लागू करे।
"बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में देरी केवल समय की बर्बादी नहीं है, बल्कि यह नागरिक सुरक्षा के साथ एक खतरनाक समझौता है।"
ऐतिहासिक रूप से, ईरोड और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास के कारण यातायात का दबाव बढ़ा है। पेरुंदुरई-चेन्निमलाई मार्ग का चौड़ीकरण इस दबाव को कम करने के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण था। यदि यह कार्य समय पर पूरा नहीं होता है, तो क्षेत्र में परिवहन लागत और यात्रा समय में वृद्धि होगी।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: सड़क कार्य रुकने का मुख्य कारण क्या है?
उत्तर: बताया जा रहा है कि निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के कारण ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है।
प्रश्न 2: परियोजना की कुल लागत कितनी है?
उत्तर: इस सड़क चौड़ीकरण परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹65.50 करोड़ है।