तेलंगाना सरकार और जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) के बीच न्यूनतम किराए और कल्याण बोर्ड के गठन को लेकर हुई बैठक बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। नाराज ड्राइवरों ने अब राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन और हड़ताल की चेतावनी दी है।
- ऑटो ड्राइवरों ने न्यूनतम मीटर किराया बढ़ाकर ₹50 करने की मांग की है।
- सरकार और JAC के बीच कल्याण बोर्ड (Welfare Board) के गठन पर सहमति नहीं बन पाई।
- ड्राइवरों ने ₹12,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता के वादे को पूरा न करने पर नाराजगी जताई है।
हैदराबाद में सोमवार को तेलंगाना राज्य के ऑटो और ऐप-आधारित यूनियनों की जॉइंट एक्शन कमेटी (JAC) और श्रम मंत्री गद्दाम विवेक एवं परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। हालांकि, यह बैठक पूरी तरह से अनिर्णायक रही, जिससे परिवहन क्षेत्र के श्रमिकों में भारी असंतोष देखा जा रहा है। JAC नेताओं का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को टालने की रणनीति अपना रही है।
बैठक के दौरान, परिवहन मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने आश्वासन दिया कि सरकार विधानसभा में ऑटो ड्राइवरों के कल्याण पर चर्चा करेगी और कल्याण बोर्ड के गठन के लिए संबंधित कानूनों में संशोधन करेगी। लेकिन JAC नेताओं, जिनमें रविशंकर अल्लूरी (BMS) और वी. मरैया (BRTU) शामिल थे, ने इसे केवल एक खोखला वादा बताया। उनका तर्क है कि सरकार ने पहले भी सरकारी आदेश (GO) जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक नियमों और प्रक्रियाओं पर कोई चर्चा तक नहीं हुई है।
महत्वपूर्ण मांगें और विवाद के बिंदु
ड्राइवरों की सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम मीटर किराए को बढ़ाकर ₹50 करना और उसके बाद प्रति किलोमीटर ₹20 की दर तय करना है। मंत्री प्रभाकर ने कहा कि सरकार इस पर अधिकारियों से परामर्श करेगी, लेकिन JAC नेता वी. मरैया ने किसी भी एकतरफा निर्णय का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि अंतिम निर्णय से पहले ड्राइवरों के प्रतिनिधियों के साथ अनिवार्य परामर्श किया जाए।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह गतिरोध केवल किराए की वृद्धि का मामला नहीं है, बल्कि यह 'गिग इकोनॉमी' और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा की लड़ाई है। यदि सरकार समय रहते कल्याण बोर्ड का गठन नहीं करती है, तो हैदराबाद जैसे महानगरों में परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो सकती है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
"जब तक सरकार कल्याण बोर्ड के गठन के लिए एक निश्चित समय सीमा (Timeline) तय नहीं करती, तब तक ड्राइवरों का अविश्वास बना रहेगा।"
कैब ड्राइवरों की समस्याओं पर बात करते हुए मंत्रियों ने कहा कि वे जल्द ही एग्रीगेटर कमेटी के साथ चर्चा करेंगे। हालांकि, यूनियन नेताओं ने इस बात पर गहरा असंतोष व्यक्त किया कि पिछले ढाई वर्षों में परिवहन विभाग के अधिकारियों और मंत्रियों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है।
| मांग | सरकार का रुख | JAC की प्रतिक्रिया |
|---|---|---|
| न्यूनतम किराया ₹50 | अधिकारियों से परामर्श करेंगे | एकतरफा निर्णय का विरोध |
| कल्याण बोर्ड गठन | कानून में संशोधन करेंगे | देरी करने की रणनीति |
| ₹12,000 वित्तीय सहायता | फंड की कमी का हवाला | वादे से मुकरने का आरोप |
Frequently Asked Questions
1. ऑटो ड्राइवर सरकार से क्या मुख्य मांग कर रहे हैं?
ड्राइवर मुख्य रूप से न्यूनतम मीटर किराया ₹50 करने, एक कल्याण बोर्ड के गठन और ₹12,000 की वार्षिक वित्तीय सहायता की मांग कर रहे हैं।
2. यदि सरकार मांगें नहीं मानती तो क्या होगा?
JAC ने चेतावनी दी है कि वे पूरे तेलंगाना में एक बड़ा राज्यव्यापी आंदोलन और हड़ताल शुरू करेंगे।