एक नए रॉयटर्स/इप्सोस पोल से पता चला है कि 9/11 के ढाई दशक बाद, अमेरिकियों के लिए अब सबसे बड़ा खतरा विदेशी आतंकवादी नहीं, बल्कि उनके अपने देश के भीतर सक्रिय चरमपंथी हैं। यह बदलाव अमेरिका की सुरक्षा प्राथमिकताओं में एक बड़े वैचारिक बदलाव को दर्शाता है।

  • अमेरिकी नागरिक अब विदेशी खतरों की तुलना में घरेलू चरमपंथ को अधिक गंभीर मानते हैं।
  • 9/11 के बाद की सुरक्षा मानसिकता में व्यापक बदलाव देखा गया है।
  • राजनीतिक ध्रुवीकरण और आंतरिक सामाजिक तनाव सुरक्षा चिंताओं के मुख्य कारण हैं।

दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश, संयुक्त राज्य अमेरिका में सुरक्षा की परिभाषा बदल रही है। 11 सितंबर 2001 के विनाशकारी हमलों के लगभग 25 साल बाद, एक व्यापक रॉयटर्स/इप्सोस (Reuters/Ipsos) सर्वेक्षण ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। डेटा से पता चलता है कि अमेरिकी जनता अब बाहरी दुश्मनों या विदेशी आतंकवादी संगठनों के बजाय अपने ही देश के भीतर पनप रहे चरमपंथियों से अधिक भयभीत है।

ऐतिहासिक रूप से, 9/11 के बाद अमेरिका ने 'आतंकवाद के खिलाफ युद्ध' (War on Terror) शुरू किया था, जिसका मुख्य केंद्र अल-कायदा और बाद में आईएसआईएस जैसे विदेशी समूह थे। अरब देशों और मध्य पूर्व की ओर केंद्रित यह सुरक्षा दृष्टिकोण अब आंतरिक मोर्चे की ओर स्थानांतरित हो गया है। सर्वेक्षण के अनुसार, घरेलू हिंसा और राजनीतिक रूप से प्रेरित चरमपंथ अब राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चुनौती माने जा रहे हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह बदलाव केवल सुरक्षा संबंधी नहीं, बल्कि सामाजिक है। अमेरिका में बढ़ता राजनीतिक ध्रुवीकरण और नस्लीय तनाव ने नागरिकों के बीच अविश्वास पैदा किया है। जब लोग अपने ही पड़ोसियों या साथी नागरिकों को संभावित खतरे के रूप में देखने लगते हैं, तो यह किसी भी विदेशी हमले से अधिक अस्थिर करने वाला होता है। यह प्रवृत्ति दर्शाती है कि आंतरिक सामाजिक सामंजस्य (Social Cohesion) अब राष्ट्रीय सुरक्षा का एक अभिन्न हिस्सा बन गया है।

"सुरक्षा का केंद्र अब सीमाओं से हटकर समुदायों के भीतर स्थानांतरित हो गया है, जो एक गहरे सामाजिक संकट का संकेत है।"

इस बदलाव के प्रभाव अब नीतिगत स्तर पर भी देखे जा रहे हैं। संघीय जांच ब्यूरो (FBI) और अन्य खुफिया एजेंसियां अब घरेलू आतंकवाद की निगरानी के लिए अपने संसाधनों को पुनर्गठित कर रही हैं। हालांकि, यह चुनौती और भी जटिल है क्योंकि विदेशी आतंकवाद के विपरीत, घरेलू चरमपंथ अक्सर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक अधिकारों के साथ टकराता है।

ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में देखें तो, अमेरिका ने पहले भी आंतरिक अशांति का सामना किया है, लेकिन वर्तमान डिजिटल युग में सोशल मीडिया के माध्यम से चरमपंथी विचारधाराओं का तेजी से प्रसार इस खतरे को और अधिक घातक बना रहा है।

क्या आप जानते हैं?: 9/11 के हमलों के बाद अमेरिका ने 'होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट' (DHS) की स्थापना की थी, जिसका प्राथमिक उद्देश्य विदेशी खतरों से देश की रक्षा करना था।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: रॉयटर्स/इप्सोस पोल का मुख्य निष्कर्ष क्या है?
उत्तर: पोल का मुख्य निष्कर्ष यह है कि अमेरिकी अब विदेशी हमलों की तुलना में घरेलू चरमपंथियों से अधिक डरते हैं।

प्रश्न 2: यह बदलाव 9/11 के बाद की सोच से कैसे अलग है?
उत्तर: 9/11 के बाद ध्यान मुख्य रूप से बाहरी आतंकवादी समूहों पर था, जबकि अब ध्यान आंतरिक राजनीतिक और सामाजिक चरमपंथ पर केंद्रित है।