आंध्र प्रदेश सरकार ने 2022 में बनाए गए नए जिला boundaries के अनुसार विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली और अल्लूरी सीताराम राजू जिलों में जिला परिषदों के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव के आदेश जारी किए हैं।

  • जिला परिषद कार्यालय अब एकीकृत मुख्यालयों से हटकर संबंधित नए जिला मुख्यालयों में स्थानांतरित होंगे।
  • कर्मचारियों का आवंटन मंडल संख्या के आधार पर होगा: अनाकापल्ली (60%), अल्लूरी सीताराम राजू (30%) और विशाखापत्तनम (10%)।
  • इस कदम का उद्देश्य 24 सितंबर को स्थानीय निकायों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले प्रशासनिक बाधाओं को दूर करना है।

ग्रामीण शासन को विकेंद्रीकृत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आंध्र प्रदेश सरकार ने विशाखापत्तनम, अनाकापल्ली, और अल्लूरी सीताराम राजू जिलों में जिला परिषदों (ZP) के प्रशासनिक विभाजन और पुनर्गठन के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय उस संक्रमण काल का समापन है जो अप्रैल 2022 में नए जिलों के गठन के साथ शुरू हुआ था।

पिछले कुछ वर्षों से, एक अजीब प्रशासनिक स्थिति बनी हुई थी जहाँ जिला परिषद कार्यालय पुराने एकीकृत जिले के मुख्यालयों से संचालित हो रहे थे। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि चुनाव पुराने एकीकृत ढांचे के तहत हुए थे, और कानूनी बाधाओं के कारण निर्वाचित निकायों को नई भौगोलिक सीमाओं के अनुसार विभाजित करना संभव नहीं हो पाया था। परिणामस्वरूप, तीनों जिलों के कलेक्टरों और अधिकारियों को एक ही एकीकृत ढांचे के भीतर काम करना पड़ा, जिससे कई बार परिचालन संबंधी कठिनाइयाँ आईं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि यह पुनर्गठन केवल कार्यालय का पता बदलना नहीं है, बल्कि 'हाइपर-लोकल गवर्नेंस' की ओर एक रणनीतिक बदलाव है। स्वतंत्र संस्थागत स्थान स्थापित करके, राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि ग्रामीण विकास योजनाएं प्रत्येक जिले की विशिष्ट जनसांख्यिकीय और भौगोलिक आवश्यकताओं के अनुरूप हों। कर्मचारियों का आवंटन—जिसमें अनाकापल्ली को उसके 24 मंडलों के कारण सबसे अधिक (60%) हिस्सा मिला है—प्रशासनिक क्षमता निर्माण के प्रति एक डेटा-आधारित दृष्टिकोण को दर्शाता है।

2022 के जिला पुनर्गठन की सफलता के लिए एकीकृत प्रशासनिक निकायों को अलग करना अनिवार्य है, ताकि शासन की 'अंतिम मील' तक पहुँच सुनिश्चित हो सके।

इस परिवर्तन की समयसीमा अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्थानीय निकाय परिषदों का कार्यकाल 24 सितंबर को समाप्त होने जा रहा है, इसलिए सरकार ने कर्मियों के पुनर्वितरण की प्रक्रिया में तेजी ला दी है। कार्यबल का वितरण सावधानीपूर्वक किया गया है: अनाकापल्ली (24 मंडल) को 60%, अल्लूरी सीताराम राजू (11 मंडल) को 30% और विशाखापत्तनम के ग्रामीण क्षेत्रों (4 मंडल) को शेष 10% कर्मचारी आवंटित किए गए हैं।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

आंध्र प्रदेश में अप्रैल 2022 में जिलों का पुनर्गठन प्रशासन को जनता के करीब लाने की एक व्यापक राज्यव्यापी पहल का हिस्सा था। हालांकि, जिला परिषदों का 'एकीकृत' कामकाज पुरानी व्यवस्था की एक विरासत के रूप में बना रहा। वर्तमान कदम प्रभावी रूप से उस अध्याय को समाप्त करता है, जिससे प्रत्येक जिला अब अपने ग्रामीण विकास कोष और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का स्वतंत्र रूप से प्रबंधन कर सकेगा।

जिलामंडलों की संख्याकर्मचारी आवंटन %
अनाकापल्ली2460%
अल्लूरी सीताराम राजू1130%
विशाखापत्तनम (ग्रामीण)410%
क्या आप जानते हैं?: जिला परिषद भारत में पंचायती राज व्यवस्था का उच्चतम स्तर है, जो राज्य सरकार और ग्राम-स्तरीय प्रशासन के बीच प्राथमिक कड़ी के रूप में कार्य करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: 2022 में जिला परिषदों को तुरंत विभाजित क्यों नहीं किया गया?
उत्तर 1: क्योंकि चुनाव एकीकृत जिला सेटअप के तहत आयोजित किए गए थे, जिससे निर्वाचित निकायों को विभाजित करने में कानूनी और प्रशासनिक बाधाएं उत्पन्न हुईं।

प्रश्न 2: नई प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह से कब कार्यात्मक होगी?
उत्तर 2: सरकार का लक्ष्य इस महीने की 24 तारीख को वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी मशीनरी को स्थापित करना है।