दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के आईएएस अधिकारी राकेश मेहता का शव नोएडा स्थित उनके घर में पंखे से लटका मिला। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें स्वास्थ्य और मानसिक समस्याओं का जिक्र है।

  • दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता (1975 बैच IAS) ने नोएडा के सेक्टर 82 स्थित अपने घर में आत्महत्या की।
  • पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं का उल्लेख है।
  • राकेश मेहता ने 2007 से 2010 तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था।

उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक दुखद खबर सामने आई है, जहाँ दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी राकेश मेहता (74 वर्ष) ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। 6 सितंबर को सेक्टर 82 स्थित उनके निवास पर उनका शव छत के पंखे से लटका हुआ पाया गया। घटना की जानकारी तब मिली जब उनकी पत्नी, सुमंती मेहता, जो अपने बेटे से मिलने देहरादून गई हुई थीं, ने उन्हें फोन नहीं मिलते देख पुलिस को सूचित किया।

पुलिस के अनुसार, डायल-112 पर सूचना मिलने के बाद थाना फेस-2 की टीम मौके पर पहुँची। फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था, जिसे तोड़कर पुलिस अंदर दाखिल हुई और शव को बरामद किया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का गहन निरीक्षण किया है। जांच के दौरान पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें राकेश मेहता ने अपने इस आत्मघाती कदम के पीछे गंभीर मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं को मुख्य कारण बताया है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह घटना उच्च पदों पर बैठे अधिकारियों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव और अकेलेपन की ओर इशारा करती है। एक ऐसे व्यक्ति ने यह कदम उठाया जिसने दिल्ली जैसे महानगर के प्रशासन की कमान संभाली थी, जो यह दर्शाता है कि मानसिक स्वास्थ्य किसी पद या प्रतिष्ठा का मोहताज नहीं होता।

राकेश मेहता का करियर अत्यंत प्रभावशाली रहा। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल के दौरान तीन साल से अधिक समय तक दिल्ली के मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया। उन्होंने 2007 में कार्यभार संभाला और नवंबर 2010 में सेवानिवृत्त हुए। उनके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि 2010 कॉमनवेल्थ गेम्स का सफल आयोजन और दिल्ली में बुनियादी ढांचे, बिजली और परिवहन परियोजनाओं का क्रियान्वयन था।

"वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का सेवानिवृत्ति के बाद अचानक मानसिक स्वास्थ्य में गिरावट आना एक गंभीर सामाजिक मुद्दा है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है।"

उनके पूर्व सहयोगियों ने उन्हें एक कुशल प्रशासक और दूरदर्शी अधिकारी के रूप में याद किया है। सोमवार को लोधी रोड श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। फिलहाल नोएडा पुलिस सुसाइड नोट की पुष्टि और परिस्थितियों की विस्तृत जांच कर रही है।

क्या आप जानते हैं?: राकेश मेहता ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान दिल्ली के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने में केंद्रीय भूमिका निभाई थी।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: राकेश मेहता कौन थे?
राकेश मेहता 1975 बैच के आईएएस अधिकारी और दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव थे, जिन्होंने 2007 से 2010 तक सेवा की।

प्रश्न 2: आत्महत्या का कारण क्या बताया गया है?
बरामद सुसाइड नोट के अनुसार, उन्होंने मानसिक और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह कदम उठाया।