दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और 1975 बैच के प्रतिष्ठित IAS अधिकारी राकेश मेहता का नोएडा स्थित उनके आवास पर शव मिला। मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है जिसमें लंबी बीमारी का जिक्र है।

  • पूर्व दिल्ली मुख्य सचिव राकेश मेहता (1975 बैच) ने नोएडा स्थित अपने घर में आत्महत्या की।
  • बरामद सुसाइड नोट में 'लंबी बीमारी' को इस आत्मघाती कदम का मुख्य कारण बताया गया है।
  • मेहता ने दिल्ली के बुनियादी ढांचे और 2010 राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

एक चौंकाने वाली घटना में, दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और वरिष्ठ नौकरशाह राकेश मेहता ने नोएडा के पॉकेट 6, केंद्रीय विहार II स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस घटना का खुलासा रविवार दोपहर को हुआ जब उनके परिवार के सदस्यों ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन जवाब न मिलने पर गार्ड को सूचित किया, जिसने बाद में मेहता का शव लटका हुआ पाया।

नोएडा फेज 2 पुलिस स्टेशन के अधिकारियों के अनुसार, मौके से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। 75 वर्षीय अधिकारी ने इस नोट में "लंबी बीमारी" का उल्लेख किया है, जिसे उन्होंने इस चरम कदम का कारण बताया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मेहता पिछले काफी समय से हाइपरटेंशन और मधुमेह (डायबिटीज) जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे।

मेहता 1975 बैच के AGMUT कैडर के अधिकारी थे और उनका करियर बेहद शानदार रहा। उन्होंने शीला दीक्षित सरकार के अधीन काम किया और 2007 में मुख्य सचिव का पद संभाला, जिसके बाद नवंबर 2010 में वे सेवानिवृत्त हुए। मुख्य सचिव के अलावा, उन्होंने तीन साल तक दिल्ली नगर निगम (MCD) के आयुक्त के रूप में भी अपनी सेवाएं दीं।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि इतने उच्च पदस्थ अधिकारियों का इस तरह जाना सेवानिवृत्त वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच मानसिक स्वास्थ्य संघर्षों और अकेलेपन की ओर ध्यान आकर्षित करता है। जीवन भर की सार्वजनिक सेवा और प्रतिष्ठा के बावजूद, पुरानी शारीरिक बीमारी और एकाकीपन एक विनाशकारी मनोवैज्ञानिक बोझ पैदा कर सकते हैं।

पूर्ण प्रशासनिक शक्ति के पद से सेवानिवृत्ति की शांति की ओर संक्रमण, गिरते स्वास्थ्य के साथ मिलकर गहरे अस्तित्वगत संकट पैदा कर सकता है।

अपने कार्यकाल के दौरान, मेहता को दिल्ली के परिवहन, बिजली और नागरिक बुनियादी ढांचे की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के कार्यान्वयन का श्रेय दिया जाता है। विशेष रूप से, 2010 के राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के दौरान वे एक प्रमुख प्रशासनिक चेहरा थे।

पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया और सोमवार को लोधी रोड श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। हालांकि पुलिस को प्रथम दृष्टया किसी साजिश का संदेह नहीं है, लेकिन पूरी जांच अभी जारी है।

क्या आप जानते हैं?: मुख्य सचिव किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का सर्वोच्च नागरिक सेवक होता है, जो सभी प्रशासनिक मामलों पर सरकार का मुख्य सलाहकार होता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राकेश मेहता कौन थे?
राकेश मेहता 1975 बैच के IAS अधिकारी थे, जिन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव और MCD आयुक्त के रूप में कार्य किया था।

उनकी मृत्यु का कारण क्या था?
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने आत्महत्या की, जिसके लिए बरामद नोट में लंबी बीमारी, हाइपरटेंशन और मधुमेह का उल्लेख किया गया है।