मुंबई में स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन के बाद महाराष्ट्र एफडीए ने एक आईआरसीटीसी सप्लायर और जुहू स्थित इस्कॉन के तीन आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं। निरीक्षण के दौरान किचन में कॉकरोच, जाम नालियां और असुरक्षित खाद्य भंडारण पाया गया।
- आईआरसीटीसी से जुड़े आर के एसोसिएट्स और इस्कॉन जुहू के तीन आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित।
- निरीक्षण में कॉकरोच, गंदगी, जाम नालियां और कीटों की मौजूदगी पाई गई।
- कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्रों की कमी और असुरक्षित खाद्य हैंडलिंग का खुलासा।
- महाराष्ट्र एफडीए द्वारा राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान के तहत की गई कार्रवाई।
महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले कई प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत कुर्ला स्थित एक आईआरसीटीसी (IRCTC) से जुड़े सप्लायर और जुहू के इस्कॉन (ISKCON) 'हरे कृष्णा लैंड' में स्थित तीन खाद्य प्रतिष्ठानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
कुर्ला वेस्ट स्थित आर के एसोसिएट्स एंड होटलियर्स प्राइवेट लिमिटेड के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि खाद्य भंडारण और प्रसंस्करण क्षेत्रों में कॉकरोच मौजूद थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि खुला कचरा पास में होने के बावजूद वहीं भोजन तैयार किया जा रहा था। इसके अलावा, फर्श की टाइलें टूटी हुई थीं और दीवारों में दरारें थीं, जो स्वच्छता के लिहाज से बेहद खतरनाक हैं।
कर्मचारियों की स्वच्छता पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। एक कर्मचारी, जिसकी उंगली घायल थी, वह भोजन हैंडल कर रहा था। साथ ही, 34 खाद्य संचालकों में से केवल 21 ही अपना मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट पेश कर पाए, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य के साथ एक बड़ा खिलवाड़ है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this crackdown signifies a shift toward zero-tolerance in food safety under the leadership of IAS officer Tukaram Mundhe. When institutions associated with spiritual purity (like ISKCON) and essential travel services (like IRCTC) fail basic hygiene tests, it reveals a systemic failure in internal auditing and a dangerous complacency regarding public health.
"Food safety is not a choice but a legal obligation; the presence of pests in commercial kitchens is a direct violation of FSSAI guidelines and poses immediate health risks."
जुहू स्थित इस्कॉन गोविंदस रेस्टोरेंट में स्थिति और भी खराब पाई गई। वहां जाम नालियां, कोल्ड स्टोरेज में पानी का जमाव और कीटों का संक्रमण मिला। कच्चे और पके हुए भोजन को अलग-अलग नहीं रखा गया था, जिससे क्रॉस-कंटैमिनेशन (परस्पर संदूषण) का खतरा बढ़ गया था। इसके अलावा, अनिवार्य जल परीक्षण और कच्चे माल की जांच के रिकॉर्ड भी गायब थे।
इस्कॉन के अन्य आउटलेट्स में भी तापमान और आर्द्रता नियंत्रण की कमी पाई गई। एक आउटलेट के पिछले हिस्से का दरवाजा खुला था, जिससे कीटों का प्रवेश आसान था। वहां की नालियों में भोजन का कचरा और कीटों की गंदगी जमा मिली, जो यह दर्शाता है कि सफाई के बुनियादी मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी।
| प्रतिष्ठान | मुख्य उल्लंघन | कार्रवाई |
|---|---|---|
| आर के एसोसिएट्स (IRCTC) | कॉकरोच, घायल कर्मचारी, टूटी टाइलें | लाइसेंस निलंबित |
| इस्कॉन गोविंदस (जुहू) | जाम नालियां, क्रॉस-कंटैमिनेशन, रिकॉर्ड की कमी | लाइसेंस निलंबित |
| मेटेश्वरी मिल्क (नवी मुंबई) | बिना मशीन के पाश्चुरीकृत दूध का दावा | लाइसेंस निलंबित |
यह कार्रवाई महाराष्ट्र एफडीए के उस व्यापक अभियान का हिस्सा है जिसमें कोठारी स्वीट और महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर जैसे अन्य प्रसिद्ध प्रतिष्ठानों पर भी गाज गिरी है। नवी मुंबई के खारघर में मेटेश्वरी मिल्क पर तो यह आरोप लगा कि वे बिना किसी मशीन के दूध को 'पाश्चुरीकृत' बताकर बेच रहे थे और गाय के दूध के नाम पर टोन्ड मिल्क की बिक्री कर रहे थे।
Frequently Asked Questions
1. एफडीए ने किन मुख्य आधारों पर लाइसेंस निलंबित किए?
मुख्य आधारों में कॉकरोच की मौजूदगी, जाम नालियां, कर्मचारियों के मेडिकल सर्टिफिकेट की कमी और खाद्य भंडारण के असुरक्षित तरीके शामिल थे।
2. क्या केवल इस्कॉन और आईआरसीटीसी पर ही कार्रवाई हुई है?
नहीं, यह एक राज्यव्यापी अभियान है जिसमें कोठारी स्वीट और मेटेश्वरी मिल्क जैसे कई अन्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।