प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के महत्वपूर्ण खंडों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कांग्रेस और राहुल गांधी के अभियानों को 'झूठ की गूँज' बताते हुए खारिज कर दिया।
- वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन प्रमुख खंडों का उद्घाटन, जो नवी मुंबई के जेएनपीटी को दादरी (यूपी) से जोड़ते हैं।
- पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार की धीमी कार्यशैली की तुलना अपनी सरकार की तीव्र प्रगति से की।
- राहुल गांधी के 'छात्रों की गूँज' अभियान पर तंज कसते हुए इसे 'झूठ की गूँज' करार दिया।
- भारत की विनिर्माण क्षमता में 'चिप्स से जहाजों तक' (Chips to Ships) के नए युग की शुरुआत का दावा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन महत्वपूर्ण खंडों का उद्घाटन करते हुए देश के बुनियादी ढांचे में एक नए अध्याय की शुरुआत की। यह कॉरिडोर नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है, जिससे माल ढुलाई की गति और दक्षता में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह के दौरान प्रधानमंत्री ने न केवल विकास कार्यों का ब्यौरा दिया, बल्कि विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पर जमकर प्रहार किया।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि कुछ लोग 'नाराज फूफा' की तरह व्यवहार कर रहे हैं, जो हर बड़ी उपलब्धि में कमियां ढूंढते हैं। उन्होंने कहा कि जब देश प्रगति करता है, तो कुछ लोग केवल शिकायतें पैदा करने का काम करते हैं, जैसे अब वे ट्रक ड्राइवरों के भविष्य को लेकर सवाल उठाएंगे। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास की इस राह में बाधा डालने वाले अब भी शिकायतें करते रहेंगे।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कॉरिडोर केवल एक रेल परियोजना नहीं है, बल्कि भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने की एक रणनीतिक चाल है। अब तक मालगाड़ियां और यात्री ट्रेनें एक ही ट्रैक पर चलती थीं, जिससे देरी होती थी। अलग ट्रैक होने से माल की आवाजाही तेज होगी और व्यापारिक लागत घटेगी, जिससे भारत वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।
पीएम मोदी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2004 में इस परियोजना की अवधारणा आई और 2006 में इसके लिए एक विशेष उद्देश्य वाहन (SPV) बनाया गया, लेकिन 2014 तक फाइलें केवल दफ्तरों में घूमती रहीं। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, "2014 के बाद हमने 50,000 आधुनिक रेल कोच बनाए, जबकि पिछली सरकार 10 साल में 50,000 शौचालय तक नहीं बना सकी।"
"डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूरा होना भारत के औद्योगिक गलियारों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने वाला एक गेम-चेंजर कदम है।"
युवाओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूँज' अभियान का जिक्र किया और इसे 'झूठ की गूँज' बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे राजनीतिक भ्रामकता के बजाय तथ्यों और वास्तविक प्रगति को देखें। उन्होंने उल्लेख किया कि भारत अब सौर, पवन, जल और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में तेजी से काम कर रहा है।
मुंबई में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान, पीएम मोदी ने भारत की 7.8% वास्तविक जीडीपी वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्षों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था का यह प्रदर्शन दुनिया को विश्वास दिलाता है कि भारत एक स्थिर और मजबूत आर्थिक शक्ति है।
Frequently Asked Questions
1. वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर किन शहरों को जोड़ता है?
यह कॉरिडोर नवी मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट (JNPT) को उत्तर प्रदेश के दादरी से जोड़ता है।
2. पीएम मोदी ने 'नाराज फूफा' शब्द का प्रयोग क्यों किया?
यह उन विपक्षी नेताओं के लिए एक व्यंग्य था जो सरकार की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में कमियां ढूंढते हैं और जनता के बीच असंतोष फैलाने की कोशिश करते हैं।