पंजाब सरकार ने जनता की भारी भागीदारी को देखते हुए स्वच्छता अभियान 2.0 की समयसीमा बढ़ा दी है। अब तक एम-सेवा ऐप के जरिए प्राप्त शिकायतों में से 83% से अधिक का समाधान किया जा चुका है।

  • स्वच्छता अभियान 2.0 अब 12 सितंबर तक जारी रहेगा।
  • एम-सेवा ऐप के माध्यम से प्राप्त 6,459 शिकायतों में से 5,407 का समाधान किया गया।
  • आने वाले चार शनिवारों तक मेगा स्वच्छता अभियान चलाए जाएंगे।

पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्यव्यापी स्वच्छता अभियान 2.0 की अवधि को बढ़ाकर 12 सितंबर तक कर दिया है। स्थानीय सरकार मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मंगलवार को घोषणा की कि यह निर्णय अभियान के अंतिम दिनों में जनता की बढ़ती भागीदारी और शिकायतों की संख्या में हुए उछाल को देखते हुए लिया गया है।

इस अभियान की शुरुआत 29 अगस्त को की गई थी, जिसमें राज्य के सभी 166 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) को शामिल किया गया। इनमें 14 नगर निगम और 152 नगर परिषद एवं नगर पंचायतें शामिल हैं। प्रशासन ने डिजिटल गवर्नेंस पर जोर देते हुए M-Seva ऐप का उपयोग किया, जिसके माध्यम से कुल 6,459 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 5,407 शिकायतों का त्वरित समाधान किया गया, जो कुल शिकायतों का लगभग 83% है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the integration of a dedicated app like M-Seva has fundamentally shifted the accountability mechanism in Punjab's urban governance. By quantifying complaints and resolution rates, the government is moving from traditional 'sweep-and-clear' methods to a data-driven sanitation model. This approach not only improves immediate hygiene but also builds long-term trust between the citizens and the municipal bodies.

"सस्टेनेबल स्वच्छता केवल सरकारी मशीनरी से नहीं, बल्कि सक्रिय जन-भागीदारी और डिजिटल जवाबदेही के समन्वय से ही संभव है।"

मंत्री बैंस ने बताया कि स्वच्छता को स्थायी बनाने के लिए 12 सितंबर से शुरू होने वाले अगले चार शनिवारों तक 'मेगा क्लीनलीनेस ड्राइव' आयोजित की जाएंगी। इन अभियानों में गैर सरकारी संगठनों (NGOs), मार्केट एसोसिएशनों, यूथ क्लबों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWAs) का सहयोग लिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य नागरिकों को प्रेरित करना है कि वे अपने पार्कों और मोहल्लों की सफाई के लिए सप्ताह में कुछ घंटे समर्पित करें।

कचरा संवेदनशील बिंदुओं (GVPs) को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए स्थानीय सरकार विभाग ने सभी शहरों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। मंत्री ने चेतावनी दी है कि जागरूकता अभियान के बाद सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने खुद कुराली, खरड़ और नंगल का दौरा किया और सफाई कर्मचारियों के साथ बातचीत की। 12 सितंबर के बाद, विभाग द्वारा एक विस्तृत विश्लेषण रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसमें कचरा संवेदनशील बिंदुओं के स्थायी उन्मूलन के फोटोग्राफिक प्रमाण शामिल होंगे।

क्या आप जानते हैं?: पंजाब सरकार का M-Seva ऐप नागरिकों को सीधे अपनी शिकायतें दर्ज करने और उनकी स्थिति को ट्रैक करने की अनुमति देता है, जिससे भ्रष्टाचार और देरी में कमी आई है।

Frequently Asked Questions

1. स्वच्छता अभियान 2.0 की नई समयसीमा क्या है?
इस अभियान की समयसीमा अब बढ़ाकर 12 सितंबर कर दी गई है।

2. शिकायतों के समाधान के लिए किस माध्यम का उपयोग किया गया?
सभी शिकायतें M-Seva ऐप के माध्यम से प्राप्त और ट्रैक की गईं।