मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है, साथ ही उन्हें सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान किया जाएगा।

  • आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़कर ₹12,000 और सहायिकाओं का ₹6,000 हुआ।
  • कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज।
  • स्मार्टफोन और रियल-टाइम डेटा के जरिए आंगनवाड़ी केंद्रों को बनाया जाएगा 'स्मार्ट'।
  • साड़ियों की संख्या 2 से बढ़ाकर 3 की गई, बुनियादी ढांचे में सुधार का लक्ष्य।

उत्तर प्रदेश की जमीनी स्तर की स्वास्थ्य और पोषण प्रणाली को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मासिक मानदेय में उल्लेखनीय वृद्धि की है। अयोध्या में एक सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री ने उन कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा की थी।

नई घोषणा के अनुसार, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में ₹4,000 की वृद्धि की गई है, जिससे अब उन्हें ₹12,000 प्रति माह मिलेंगे। इसी तरह, सहायिकाओं के मानदेय में ₹2,000 की बढ़ोतरी की गई है, जिससे उनका मासिक वेतन ₹6,000 हो गया है। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि 2017 में यह राशि मात्र ₹3,000 थी।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह कदम केवल वित्तीय सहायता नहीं है, बल्कि ग्रामीण कल्याण कार्यबल के पेशेवरकरण का एक रणनीतिक प्रयास है। मानदेय को प्रदर्शन से जोड़कर और डिजिटल उपकरणों को एकीकृत करके, यूपी सरकार पोषण सेवाओं के वितरण में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने की कोशिश कर रही है।

वेतन वृद्धि के अलावा, सरकार ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान किया है: कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवारों के लिए ₹5 लाख तक का वार्षिक कैशलेस चिकित्सा उपचार। यह उन फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए एक बड़ी राहत है जिनके पास अक्सर पर्याप्त स्वास्थ्य बीमा नहीं होता।

स्मार्टफोन के माध्यम से रियल-टाइम डेटा का एकीकरण आंगनवाड़ी केंद्रों को केवल वितरण केंद्रों से बदलकर सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी के डेटा-संचालित केंद्रों में बदल देगा।

मुख्यमंत्री ने 'स्मार्ट आंगनवाड़ी' पहल का भी उल्लेख किया। पहले चरण में, 1.28 लाख स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं ताकि योजनाओं का डेटा रीयल-टाइम में दर्ज किया जा सके। इसके अलावा, सरकार का लक्ष्य राज्य वित्त आयोग के फंड के माध्यम से प्रत्येक केंद्र के लिए अपना स्वयं का भवन उपलब्ध कराना है।

पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए, आदित्यनाथ ने कहा कि पहले पोषण आहार पर 'शराब माफिया' का कब्जा था। उन्होंने दावा किया कि अब पोषण आहार प्रणाली को माफिया मुक्त कर दिया गया है और 204 स्थानों पर टेक होम राशन (THR) प्लांट अब महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।

श्रेणी पिछला मानदेय (लगभग) नया मानदेय
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ₹8,000 ₹12,000
आंगनवाड़ी सहायिका ₹4,000 ₹6,000
क्या आप जानते हैं?: यूपी सरकार अब राज्य की 2.91 लाख कार्यकर्ताओं को दो के बजाय तीन साड़ियाँ प्रदान करेगी, जिसके लिए सरकार ₹20 करोड़ का अतिरिक्त बजट वहन कर रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: ₹5 लाख के कैशलेस इलाज के लिए कौन पात्र है?
यह लाभ सभी पंजीकृत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और उनके परिवार के सदस्यों को मिलेगा।

प्रश्न 2: आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे में कैसे सुधार किया जा रहा है?
सरकार राज्य वित्त आयोग के फंड और अलग बजट के माध्यम से हर केंद्र के लिए स्वतंत्र भवन निर्माण का लक्ष्य रख रही है।