आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन ने विशाखापत्तनम में औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण कार्यों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए एक व्यापक योजना शुरू की है।

  • रियल-टाइम प्रदूषक ट्रैकिंग के लिए निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी (CAAQM) स्टेशनों की शुरुआत।
  • उद्योग, निर्माण और परिवहन—इन तीन मुख्य क्षेत्रों पर केंद्रित एकीकृत रणनीति।
  • APSRTC के माध्यम से इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा और VPA द्वारा धूल नियंत्रण के सख्त उपाय।

औद्योगिक केंद्र विशाखापत्तनम में गिरती वायु गुणवत्ता को सुधारने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। आंध्र प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (APPCB), जिला प्रशासन और ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (GVMC) मिलकर औद्योगिक उत्सर्जन, निर्माण गतिविधियों और वाहनों के धुएं पर नकेल कस रहे हैं।

इस मुहिम के तहत हाल ही में बीच रोड पर एक 'ग्रीन वॉकाथॉन' का आयोजन किया गया, जिसके बाद पर्यावरणविदों, गैर सरकारी संगठनों (NGOs) और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें की गईं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य प्रदूषण को उसके स्रोत पर ही रोकना और विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना है।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि विशाखापत्तनम की भौगोलिक स्थिति—जो पूर्वी घाट और बंगाल की खाड़ी के बीच स्थित है—प्रदूषकों को शहर के भीतर ही रोक लेती है, जिससे स्मॉग की समस्या गंभीर हो जाती है। रियल-टाइम मॉनिटरिंग के माध्यम से, शहर अब डेटा-आधारित शासन की ओर बढ़ रहा है।

विशाखापत्तनम पोर्ट अथॉरिटी (VPA) ने पहले ही ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है, जिसमें परिवहन ट्रकों को तिरपाल से ढकना और धूल को हवा में उड़ने से रोकने के लिए मशीनों द्वारा नियमित पानी का छिड़काव करना शामिल है। वहीं, APSRTC शहर में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर कार्बन उत्सर्जन को कम करने का प्रयास कर रहा है।

"केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है; असली चुनौती उन्हें विकसित वृक्षों में बदलने और उनका रखरखाव करने की है।"

इस रणनीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा हार्बर पार्क में निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी (CAAQM) स्टेशन की स्थापना है। यह स्टेशन PM10, PM2.5, सल्फर डाइऑक्साइड (SO₂) और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) जैसे प्रमुख प्रदूषकों के स्तर की वास्तविक समय में निगरानी करेगा। शहर में तीन और ऐसे स्टेशनों का प्रस्ताव है।

GVMC आयुक्त केतन गर्ग ने निर्माण और विध्वंस कचरे को प्रदूषण का एक बड़ा स्रोत बताया और आश्वासन दिया कि इस कचरे का उचित प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा। APPCB अध्यक्ष पी. कृष्णय्या ने जोर देकर कहा कि केवल वृक्षारोपण से काम नहीं चलेगा, बल्कि पौधों की सुरक्षा और उनके विकास पर ध्यान देना होगा।

क्या आप जानते हैं?: PM2.5 जैसे सूक्ष्म कण इतने छोटे होते हैं कि वे फेफड़ों के माध्यम से सीधे रक्तप्रवाह में प्रवेश कर सकते हैं, इसलिए CAAQM जैसे स्टेशन सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: हार्बर पार्क में CAAQM स्टेशन की क्या भूमिका है?
यह स्टेशन PM2.5 और SO₂ जैसे प्रदूषकों का रियल-टाइम डेटा प्रदान करता है, जिससे अधिकारियों को प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने में मदद मिलती है।

प्रश्न 2: परिवहन क्षेत्र प्रदूषण कम करने में कैसे मदद कर रहा है?
APSRTC इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ा रहा है और पोर्ट अथॉरिटी यह सुनिश्चित कर रही है कि धूल रोकने के लिए ट्रकों को तिरपाल से ढका जाए।