चेन्नई की कोरात्तूर झील के सरप्लस कोर्स में बड़ी संख्या में मछलियाँ मृत पाई गईं, जिससे स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। जल संसाधन विभाग ने इस घटना के पीछे पानी की कमी को मुख्य कारण बताया है।

  • कोरात्तूर झील के सरप्लस कोर्स में तिलापिया जैसी कई मछलियाँ मृत पाई गईं।
  • जल संसाधन विभाग (WRD) के अनुसार, मेट्रोवाटर के पाइपलाइन कार्य के कारण पानी की आपूर्ति रोकी गई थी।
  • स्थानीय नागरिक समूहों ने झील में सीवेज प्रदूषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

चेन्नई की कोरात्तूर झील के सरप्लस कोर्स में बुधवार को बड़ी संख्या में मछलियों के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

कोरात्तूर ऐरी पाथुक्कुपु मक्कल इयक्कम (एक नागरिक आंदोलन) के सदस्यों ने बताया कि मृत मछलियों में मुख्य रूप से तिलापिया प्रजाति शामिल थी। नागरिकों का आरोप है कि यह केवल पानी की कमी का मामला नहीं है, बल्कि झील और उसके सरप्लस कोर्स में अनियंत्रित रूप से गिर रहा सीवेज प्रदूषण इस पारिस्थितिक आपदा का असली कारण हो सकता है।

यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि शहरी बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यावरणीय स्थिरता के बीच एक गहरा संघर्ष चल रहा है। जब मेट्रोवाटर जैसे विभाग पाइपलाइन कार्य के लिए जल प्रवाह को रोकते हैं, तो वे अक्सर उस जल निकाय के भीतर रहने वाले सूक्ष्म-पारिस्थितिकी तंत्र (Micro-ecosystem) की अनदेखी कर देते हैं। यह घटना दर्शाती है कि चेन्नई के जल निकायों का प्रबंधन अभी भी एकीकृत योजना की कमी से जूझ रहा है।

शहरी जल निकायों में अचानक पानी का स्तर गिरना और प्रदूषकों का संकेंद्रण ऑक्सीजन के स्तर को तेजी से कम करता है, जिससे सामूहिक मृत्यु (Mass mortality) होती है।

दूसरी ओर, जल संसाधन विभाग (WRD) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कोरात्तूर झील से रेटेरी जल निकाय की ओर जाने वाले पानी को अस्थायी रूप से रोका गया था। यह कदम चेन्नई मेट्रोवाटर द्वारा किए जा रहे आवश्यक पाइपलाइन मरम्मत कार्य को सुविधाजनक बनाने के लिए उठाया गया था। विभाग का तर्क है कि पानी की अनुपलब्धता के कारण मछलियाँ दम तोड़ गईं।

क्या आप जानते हैं?: तिलापिया मछलियाँ अपनी कठोरता के लिए जानी जाती हैं और कम ऑक्सीजन वाले पानी में भी जीवित रह सकती हैं, लेकिन अत्यधिक प्रदूषण और पानी की पूर्ण अनुपस्थिति उनके लिए घातक होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: मछलियों की मौत का मुख्य कारण क्या बताया गया है?
उत्तर: WRD अधिकारियों के अनुसार, मेट्रोवाटर के पाइपलाइन कार्य के कारण सरप्लस कोर्स में पानी की कमी हो गई थी, जिससे मछलियाँ मर गईं।

प्रश्न 2: स्थानीय निवासियों की मुख्य चिंता क्या है?
उत्तर: निवासियों का मानना है कि सीवेज प्रदूषण झील की सेहत को खराब कर रहा है, जो मछलियों की मौत का एक बड़ा कारण हो सकता है।