आंध्र प्रदेश सरकार ने कृषि मशीनीकरण योजना के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। भारी मांग को देखते हुए अब प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में सब्सिडी पर 8 ट्रैक्टर वितरित किए जाएंगे।

  • प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 8 सब्सिडी वाले ट्रैक्टरों का आवंटन।
  • GST दर 12% से घटाकर 5% की गई, जिससे लागत कम हुई।
  • एग्रोस (Agros) संस्था की भागीदारी खत्म होने से 4% कमीशन की बचत।

अमरावती: खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले, आंध्र प्रदेश सरकार ने कृषि मशीनीकरण योजना के कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए नियमों में संशोधन किया है। हालांकि जिलों को पहले ही बजट आवंटित कर दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक देरी के कारण वितरण में विलंब हुआ। ट्रैक्टरों की अत्यधिक मांग को देखते हुए, अधिकारियों ने अब यह निर्णय लिया है कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में सब्सिडी के आधार पर 8 ट्रैक्टर वितरित किए जाएंगे।

कृषि विभाग के अधिकारियों ने मई महीने में गुंटूर, बापटला और पलनाडु जिलों में किसानों से आवेदन आमंत्रित किए थे। इस प्रक्रिया में मशीनों की गुणवत्ता, मानक और निर्माताओं को पहले ही निर्धारित कर लिया गया था। सरकार ने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान की थी, जिसके परिणामस्वरूप संयुक्त जिले से कुल 10,376 आवेदन प्राप्त हुए।

लक्ष्य से अधिक आवेदन आने के कारण, लाभार्थियों का चयन लॉटरी सिस्टम के माध्यम से किया गया। हालांकि, जब इन सूचियों को जिला प्रभारी मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों के पास अनुमोदन के लिए भेजा गया, तो ट्रैक्टरों की भारी मांग के कारण चयन प्रक्रिया में काफी समय लगा। इसी गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार ने ट्रैक्टरों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the reduction in GST from 12% to 5% and the removal of the Agros agency's 4% commission have significantly lowered the financial burden on the state exchequer and the farmers. This strategic shift towards direct benefit transfer and simplified procurement is a move to modernize Indian agriculture at the grassroots level.

कृषि मशीनीकरण न केवल श्रम लागत को कम करता है, बल्कि समय पर बुवाई और कटाई सुनिश्चित कर फसल की पैदावार को भी बढ़ाता है।

योजना के तहत केवल ट्रैक्टर ही नहीं, बल्कि कई अन्य आधुनिक उपकरण भी शामिल हैं। इनमें हल, रोटावेटर, लेजर लेवलर, स्प्रेयर, और फसल अवशेष काटने वाली मशीनें शामिल हैं। अब संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार, कृषि विभाग लाभार्थियों की सूची को अपडेट कर प्रभारी मंत्रियों को भेजेगा, ताकि समय रहते किसानों को उपकरण मिल सकें।

विवरण पुराना नियम नया नियम
GST दर 12% 5%
एग्रोस कमीशन 4% 0% (हटा दिया गया)
वितरण आधार जिला स्तरीय निर्वाचन क्षेत्र (8 ट्रैक्टर प्रति क्षेत्र)
Did You Know?: आधुनिक ट्रैक्टरों के उपयोग से खेती की दक्षता में 30% से 40% तक की वृद्धि देखी गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

Frequently Asked Questions

1. इस योजना के तहत कौन से उपकरण उपलब्ध हैं?
इस योजना में ट्रैक्टर, रोटावेटर, लेजर लेवलर, स्प्रेयर और फसल काटने वाली मशीनों जैसे विभिन्न कृषि उपकरण शामिल हैं।

2. लाभार्थियों का चयन कैसे किया गया?
अत्यधिक आवेदन आने के कारण, पात्र किसानों के बीच लॉटरी सिस्टम के माध्यम से चयन किया गया है।