मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के GSDP को बढ़ाने के लिए जिला कलेक्टरों को स्वीकृत निवेश परियोजनाओं को बिना किसी देरी के जमीन पर उतारने का निर्देश दिया है। राज्य इस वर्ष पांच प्रमुख शहरों में निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा।
- मुख्यमंत्री नायडू ने SIPB द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं को तुरंत शुरू करने और उनकी तारीखें तय करने का आदेश दिया।
- ₹13.85 लाख करोड़ के निवेश वाली 359 परियोजनाएं स्वीकृत, जिनसे 10.6 लाख नौकरियों की संभावना है।
- विशाखापत्तनम, काकीनाडा, अमरावती, अनंतपुर और तिरुपति में निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित होंगे।
- 2026-27 के लिए आंध्र प्रदेश की अनुमानित विकास दर 13.44% रही।
आर्थिक विस्तार को गति देने के लिए एक निर्णायक कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती स्थित सचिवालय में आठवीं कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे स्थानीय अवसरों का लाभ उठाएं, स्वीकृत निवेशों को धरातल पर उतारें और जिला संसाधनों को धन में बदलें ताकि आंध्र प्रदेश के GSDP (सकल राज्य घरेलू उत्पाद) को बढ़ावा मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं को बिना किसी देरी के शुरू किया जाना चाहिए और उनकी प्रारंभ तिथि तय की जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए मंत्रियों और निर्वाचित प्रतिनिधियों को जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा।
आंकड़ों की बात करें तो, राज्य ने अब तक 20 SIPB बैठकों में 359 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें ₹13.85 लाख करोड़ का निवेश शामिल है। इन परियोजनाओं से लगभग 10.6 लाख रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। इनमें से 160 परियोजनाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं, जिनमें ₹4.03 लाख करोड़ का निवेश और 5.9 लाख नौकरियों की क्षमता है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि परियोजनाओं को 'ग्राउंड' करने पर यह जोर केवल कागजी समझौतों (MoUs) से आगे बढ़कर वास्तविक भौतिक संपत्ति बनाने की एक रणनीतिक कोशिश है। विशाखापत्तनम, काकीनाडा, अमरावती, अनंतपुर और तिरुपति जैसे शहरों में क्षेत्रीय निवेश सम्मेलनों का आयोजन करके, सरकार केवल राजधानी में विकास केंद्रित करने के बजाय पूरे राज्य में आर्थिक केंद्र बनाना चाहती है।
अनुमोदन से कार्यान्वयन तक का बदलाव वह महत्वपूर्ण पुल है जो राजनीतिक वादों को वास्तविक जीडीपी विकास और रोजगार में बदलता है।
आंध्र प्रदेश के आर्थिक संकेतक काफी सकारात्मक हैं। 2026-27 के लिए अनुमानित विकास दर 13.44% है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में GVA वृद्धि 14.19% तक पहुंच गई, जबकि उद्योग और सेवाओं ने क्रमशः 14.81% और 12.70% की वृद्धि दर्ज की। विशेष रूप से, एक्वाकल्चर में 31.77% की भारी वृद्धि देखी गई है।
बड़े उद्योगों के अलावा, राज्य MSME क्षेत्र पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। राज्य में विनिर्माण, सेवाओं और व्यापार में 23.85 लाख MSME हैं। 175 MSME पार्कों में से 138 को मंजूरी मिल चुकी है और 116 निर्माणाधीन हैं। इन पार्कों से ₹2,036 करोड़ के निवेश और 31,163 नौकरियों के सृजन की उम्मीद है।
कनेक्टिविटी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए, श्री नायडू ने अधिकारियों को मौजूदा हेलीपैड्स को अधिसूचित करने और जिला मुख्यालयों पर नाइट-लैंडिंग सुविधाओं के लिए केंद्र से मंजूरी मांगने का निर्देश दिया। यह बुनियादी ढांचागत सुधार उच्च-नेट-वर्थ निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आवश्यक माना जा रहा है।
| मानक | कुल स्वीकृत (SIPB) | शुरू हो चुकी परियोजनाएं |
|---|---|---|
| परियोजनाओं की संख्या | 359 | 160 |
| निवेश मूल्य | ₹13.85 लाख करोड़ | ₹4.03 लाख करोड़ |
| रोजगार क्षमता | 10.6 लाख नौकरियां | 5.9 लाख नौकरियां |
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस वर्ष किन शहरों में निवेश शिखर सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे?
विशाखापत्तनम, काकीनाडा, अमरावती, अनंतपुर और तिरुपति में सम्मेलन होंगे, जिसके बाद नवंबर में 2026 पार्टनरशिप समिट आयोजित किया जाएगा।
प्रश्न 2: 2026-27 के लिए आंध्र प्रदेश की वर्तमान विकास दर क्या है?
वर्तमान कीमतों पर अनुमानित विकास दर 13.44% है, जिसमें औद्योगिक और कृषि क्षेत्रों का महत्वपूर्ण योगदान है।