केंद्र सरकार ने लोधी एस्टेट स्थित फोर्ड फाउंडेशन के कार्यालय को खाली करा लिया है। इस प्रतिष्ठित स्थान को अब भारत के नेतृत्व वाले दो अंतरराष्ट्रीय गठबंधनों, IBCA और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस को सौंपा गया है।
- फोर्ड फाउंडेशन ने 1960 के दशक से लोधी एस्टेट (55, Lodhi Estate) में अपना कार्यालय संचालित किया था।
- केंद्र सरकार ने इस जगह को इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस को आवंटित किया है।
- फाउंडेशन अब संसद मार्ग स्थित डीएलएफ सेंटर (DLF Centre) से अपना संचालन कर रहा है।
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित लोधी एस्टेट में पिछले छह दशकों से अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाला फोर्ड फाउंडेशन अब वहां से विस्थापित हो गया है। केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के भूमि और विकास कार्यालय ने 2025 में बेदखली की प्रक्रिया शुरू की थी, क्योंकि संपत्ति का लीज समय समाप्त हो गया था। अधिकारियों के अनुसार, फाउंडेशन ने फरवरी 2026 में स्वेच्छा से परिसर खाली कर दिया, जिसके बाद किसी बलपूर्वक कार्रवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी।
इस रणनीतिक स्थान का आवंटन अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पहलों को किया गया है। ग्राउंड फ्लोर और पहली मंजिल अब इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस के कार्यालय बनेंगे। IBCA वर्तमान में शांति निकेतन क्षेत्र से संचालित हो रहा है, जबकि बायोफ्यूल्स एलायंस भीकाजी कामा प्लेस से कार्य कर रहा है।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह कदम केवल एक रियल एस्टेट बदलाव नहीं है, बल्कि भारत की बदलती कूटनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाता है। जहाँ एक समय विदेशी फाउंडेशन्स का प्रभाव अधिक था, अब भारत अपने स्वयं के नेतृत्व वाले वैश्विक गठबंधनों (India-led Alliances) को केंद्र में रख रहा है। यह 'सॉफ्ट पावर' के केंद्र को विदेशी संस्थाओं से हटाकर राष्ट्रीय पहलों की ओर स्थानांतरित करने का संकेत है।
यह इमारत वास्तुशिल्प की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे प्रसिद्ध अमेरिकी वास्तुकार जोसेफ स्टीन ने डिजाइन किया था, जिन्होंने इंडिया हैबिटेट सेंटर और इंडिया इंटरनेशनल सेंटर जैसी प्रतिष्ठित इमारतों का निर्माण किया था। फोर्ड फाउंडेशन का भारत के साथ गहरा ऐतिहासिक संबंध रहा है, जिसने IIM अहमदाबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे संस्थानों को शुरुआती अनुदान दिए थे।
"लोधी एस्टेट जैसे प्राइम लोकेशन का पुन: आवंटन भारत की वैश्विक नेतृत्व की आकांक्षाओं और प्रशासनिक पुनर्गठन की दिशा को स्पष्ट करता है।"
ऐतिहासिक रूप से, फोर्ड फाउंडेशन ने भारत की पंचवर्षीय योजनाओं, हरित क्रांति और स्वयं सहायता समूह आंदोलनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि, 2015 में गृह मंत्रालय ने इसे एक वॉचलिस्ट में रखा था, क्योंकि कुछ गैर-सरकारी संगठनों को दिए गए फंड पर सवाल उठे थे, हालांकि बाद में 2016 में इसे हटा दिया गया था।
| संस्था | पुराना पता | नया/वर्तमान पता |
|---|---|---|
| फोर्ड फाउंडेशन | 55, लोधी एस्टेट | डीएलएफ सेंटर, संसद मार्ग |
| IBCA | शांति निकेतन | लोधी एस्टेट (नया आवंटन) |
| ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस | भीकाजी कामा प्लेस | लोधी एस्टेट (नया आवंटन) |
Frequently Asked Questions
1. फोर्ड फाउंडेशन ने लोधी एस्टेट क्यों छोड़ा?
संपत्ति का लीज समय समाप्त हो गया था, जिसके बाद आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने इसे खाली करने का निर्देश दिया।
2. इस जगह का उपयोग अब कौन करेगा?
यह स्थान अब इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस (IBCA) और ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस को आवंटित किया गया है।