महाराष्ट्र के ठाणे में एफडीए ने 11 खाद्य इकाइयों पर छापेमारी कर 20 लाख रुपये से अधिक का असुरक्षित खाद्य स्टॉक जब्त किया है। गंदगी, चूहों और बिना लाइसेंस के चल रहे इन कारखानों में गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पाए गए हैं।

  • ठाणे के खारडी गांव क्षेत्र में 11 खाद्य इकाइयों पर एफडीए की छापेमारी।
  • 28,955 किलोग्राम खाद्य उत्पाद और 56 लीटर तेल जब्त, कुल मूल्य ₹20.48 लाख।
  • उत्पादन क्षेत्रों में चूहों, कॉकरोच और गंदगी का अंबार पाया गया।
  • त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्यव्यापी अभियान शुरू।

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने ठाणे जिले में एक बड़े अभियान के तहत 11 खाद्य निर्माण इकाइयों पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने फरसाण, चिवड़ा, नमकीन और वेफर्स जैसे उत्पादों का भारी स्टॉक जब्त किया, जिसकी कुल कीमत 20,48,801.50 रुपये आंकी गई है। यह छापेमारी गोपनीय सूचना के आधार पर खारडी गांव क्षेत्र में की गई थी।

निरीक्षण के दौरान एफडीए अधिकारियों ने पाया कि ये इकाइयां खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रही थीं। कई इकाइयों के पास वैध लाइसेंस तक नहीं था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि उत्पादन क्षेत्र की फर्श चिपचिपी और तेल से सनी हुई थी, और छतें अस्थायी चादरों से बनी थीं, जिससे बाहरी धूल और कचरा सीधे भोजन में मिल रहा था।

स्वास्थ्य मानकों की घोर अनदेखी

छापेमारी के दौरान पाया गया कि कारखानों के भीतर चूहों और कॉकरोच का बसेरा था। परिसर के बाहर गाय, कुत्ते और बिल्लियाँ घूम रहे थे, जिससे स्वच्छता का स्तर शून्य था। इसके अलावा, वहां काम करने वाले कर्मचारी बिना किसी एप्रन, दस्ताने या हेडगियर के गंदे कपड़ों में काम कर रहे थे, जो सीधे तौर पर उपभोक्ता स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows कि त्योहारों के मौसम में मांग बढ़ने के कारण कई छोटे निर्माता गुणवत्ता और स्वच्छता से समझौता करते हैं। यह केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह संकेत है कि असंगठित खाद्य क्षेत्र में निगरानी की सख्त जरूरत है। जब मिलावटी और अस्वास्थ्यकर तरीके से बना भोजन बाजार में पहुंचता है, तो यह बड़े पैमाने पर फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।

"खाद्य सुरक्षा केवल लाइसेंस प्राप्त करने के बारे में नहीं है, बल्कि उत्पादन के हर चरण पर स्वच्छता बनाए रखने के बारे में है, ताकि जनता के स्वास्थ्य से समझौता न हो।"

जब्त किए गए सामानों में आलू के वेफर्स, फराली चिवड़ा, स्पाइसी वेफर्स, काला मिर्च वेफर्स, मिक्स फरसाण, सेव, भाकरवड़ी, डाइट चिवड़ा, शेज़वान स्टिक्स और केले के चिप्स शामिल हैं। साथ ही, घटिया स्तर के मैदा, बेसन और इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल (Used Edible Oil) को भी जब्त किया गया है।

विवरणविवरण (Details)
कुल जब्त मात्रा28,955 किग्रा और 56 लीटर
कुल अनुमानित मूल्य₹20,48,801.50
प्रभावित इकाइयां11 प्रतिष्ठान
मुख्य उल्लंघनलाइसेंस का अभाव, अस्वास्थ्यकर वातावरण, गलत लेबलिंग

एफडीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगामी त्योहारी सीजन के दौरान सामूहिक भोजन वितरण करने वाले आयोजकों को कार्यक्रम से कम से कम सात दिन पहले निर्धारित अधिकारी को नोटिस देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, मुंबई, पुणे और संभाजीनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में 10 प्रसिद्ध होटलों और रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस भी निलंबित किए गए हैं।

क्या आप जानते हैं?: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत, बिना लाइसेंस के खाद्य व्यवसाय चलाना एक दंडनीय अपराध है जिसमें भारी जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: एफडीए ने किन उत्पादों को जब्त किया?
उत्तर: एफडीए ने नमकीन, चिवड़ा, वेफर्स, भाकरवड़ी और इस्तेमाल किए गए खाद्य तेल सहित कुल 28,955 किलोग्राम स्टॉक जब्त किया।

प्रश्न 2: क्या अन्य होटलों पर भी कार्रवाई हुई है?
उत्तर: हाँ, मुंबई, पुणे और कोंकण क्षेत्र सहित कुल 10 प्रसिद्ध होटलों और रेस्टोरेंट्स के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।