बंगाल की खाड़ी में बन रहे एक नए कम दबाव के क्षेत्र के कारण दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई जिलों में फिर से भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- उत्तर बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश तट के पास नया कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है।
- पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना सहित पांच दक्षिणी जिलों में भारी बारिश (7-11 सेमी) की संभावना।
- 55 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण शुक्रवार तक मछुआरों के लिए रेड अलर्ट।
- उत्तर बंगाल में शुक्रवार से मंगलवार तक बारिश की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद।
पश्चिम बंगाल में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। अलीपुर मौसम विभाग ने पहले संकेत दिया था कि बुधवार से बारिश कम होगी, लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक नए कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के निर्माण ने इन अनुमानों को बदल दिया है। वर्तमान में उत्तर बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश तट के पास एक चक्रवाती परिसंचरण (Circulation) बना हुआ है, जिसकी ऊंचाई समुद्र तल से 5.8 किमी है।
इसके साथ ही, मानसून की ट्रफ लाइन कश्मीर, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार से होते हुए पश्चिम बंगाल में प्रवेश कर चुकी है, जो पुरुलिया और दीघा के रास्ते दक्षिण-पूर्व में बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन दोनों प्रणालियों के मिलन से अगले तीन दिनों तक दक्षिण बंगाल में गरज-चमक के साथ बारिश की प्रबल संभावना है।
क्षेत्रीय पूर्वानुमान का विवरण
गुरुवार को पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना में 7 से 11 सेमी तक भारी बारिश हो सकती है। विशेष रूप से पूर्वी मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। शुक्रवार को भारी बारिश का केंद्र पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पुरुलिया की ओर खिसक जाएगा।
| क्षेत्र | गुरुवार का पूर्वानुमान | शुक्रवार का पूर्वानुमान |
|---|---|---|
| दक्षिण बंगाल | भारी बारिश (7-11 सेमी), तेज हवाएं | छिटपुट भारी बारिश, मध्यम हवाएं |
| उत्तर बंगाल | हल्की से मध्यम बारिश | भारी बारिश (जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार) |
| कोलकाता | रुक-रुक कर बौछारें | हल्की छिटपुट बारिश |
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि मानसून के इस दौर में बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्रों का बार-बार बनना एक असामान्य समुद्री गतिविधि है। इससे न केवल कोलकाता जैसे शहरों में जलजमाव (Urban Flooding) का खतरा बढ़ता है, बल्कि दक्षिणी जिलों में अत्यधिक नमी के कारण फसलों को भी नुकसान पहुँच सकता है।
मानसून ट्रफ और समुद्री परिसंचरण का तालमेल नमी का एक 'कन्वेयर बेल्ट' बनाता है, जिससे अल्पकालिक वर्षा का पूर्वानुमान लगाना अत्यंत कठिन हो जाता है।
उत्तर बंगाल में शुक्रवार से स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है। जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में शुक्रवार और रविवार को भारी बारिश की संभावना है, जबकि शनिवार को दार्जिलिंग और कालिम्पोंग में भी भारी वर्षा होगी। यह सिलसिला मंगलवार तक जारी रह सकता है।
समुद्री सुरक्षा को देखते हुए, 55 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं के कारण मछुआरों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है और उन्हें शुक्रवार तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: इस सप्ताह किन जिलों में सबसे अधिक बारिश की संभावना है?
पूर्वी मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम, पुरुलिया और दक्षिण 24 परगना में भारी बारिश का सबसे अधिक खतरा है।
प्रश्न 2: क्या कोलकाता के निवासियों के लिए कोई विशेष चेतावनी है?
कोलकाता के लिए कोई गंभीर चेतावनी नहीं है, लेकिन शहर में समय-समय पर हल्की बारिश और बौछारें पड़ सकती हैं।