तेलंगाना विधानसभा में राज्य में दूध और सब्जियों के कम उत्पादन और खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट पर चिंता जताई गई। विधायकों ने स्वास्थ्य जोखिमों और आयात पर निर्भरता को लेकर सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है।
- तेलंगाना की केवल 8% दूध की जरूरत राज्य में ही पूरी हो रही है।
- सब्जियों के कम उत्पादन के कारण अन्य राज्यों से आयात और कीमतों में वृद्धि हो रही है।
- खाद्य मिलावट और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़े हैं।
तेलंगाना विधानसभा के चौथे दिन प्रश्नकाल के दौरान राज्य की खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर बहस हुई। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक पायल शंकर ने राज्य में दूध उत्पादन की दयनीय स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तेलंगाना अपनी दूध की आवश्यकता का केवल 8% ही उत्पादित कर पा रहा है। शेष 92% आपूर्ति अन्य राज्यों से आयात की जा रही है, जिससे न केवल आर्थिक बोझ बढ़ रहा है बल्कि गुणवत्ता नियंत्रण भी कठिन हो गया है।
विधायक पायल शंकर ने आरोप लगाया कि राज्य में मिलावटी दूध की बिक्री बढ़ रही है, जो आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने सरकार से इस समस्या के समाधान के लिए एक नई और सख्त निगरानी प्रणाली स्थापित करने का आग्रह किया। साथ ही, उन्होंने मांग की कि नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के लाभों को तेलंगाना के पशुपालकों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जाए ताकि स्थानीय उत्पादन बढ़ सके।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that the heavy reliance on imports for basic essentials like milk and vegetables makes the state's economy vulnerable to price fluctuations in neighboring states. Moreover, the lack of local cold storage infrastructure is a systemic failure that forces farmers to sell at low prices or watch crops rot, ultimately hurting the consumer's pocket and health.
कृषि क्षेत्र की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए पलाकुर्थि विधायक यशस्विनी रेड्डी ने कहा कि खेती में कीटनाशकों के अंधाधुंध उपयोग से लोग गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि बंदरों के आतंक के कारण किसान अपनी फसलों को बचाने में असमर्थ हैं, जिससे उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन बढ़ाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने के बारे में है कि प्लेट में आने वाला भोजन रसायन-मुक्त और शुद्ध हो।
बीजेपी विधायक के. वेंकट रमणा रेड्डी ने सब्जी उत्पादन के लिए भूमि क्षेत्र बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने तर्क दिया कि अपर्याप्त स्थानीय उत्पादन के कारण बाहरी राज्यों पर निर्भरता बढ़ी है, जिससे बाजार में सब्जियों की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने सरकार से कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विस्तार और आधुनिक कृषि उपकरणों पर सब्सिडी प्रदान करने की मांग की ताकि किसानों को प्रोत्साहित किया जा सके।
वहीं, AIMIM विधायक माजिद हुसैन ने बुनियादी ढांचे की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने गुडीमलकपुर सब्जी मंडी में दूर-दराज से आने वाले किसानों के लिए विश्राम गृह और कैंटीन की मांग की। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि बाजार में चलने की जगह कम हो रही है और बिना स्थान की उपलब्धता देखे दुकानों के लाइसेंस जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने मेहदीपटनम के రైతు बाजार में एक कॉम्प्लेक्स बनाने का सुझाव दिया ताकि पार्किंग और भीड़ की समस्या को हल किया जा सके।
Frequently Asked Questions
1. तेलंगाना में दूध उत्पादन की वर्तमान स्थिति क्या है?
राज्य अपनी दूध की जरूरत का केवल 8% उत्पादित करता है, बाकी आयात किया जाता है।
2. विधायकों ने सब्जी उत्पादन बढ़ाने के लिए क्या सुझाव दिए?
कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की स्थापना और कृषि उपकरणों पर सब्सिडी देने की मांग की गई है।