उप मुख्य मंत्री भट्टी विक्रमार्क ने विधानसभा में घोषणा की कि तेलंगाना सरकार ने अपने नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए देश की पहली 1 करोड़ रुपये की मुफ्त बीमा योजना लागू की है।
- 12.91 लाख से अधिक कर्मचारी और पेंशनभोगी इस योजना के दायरे में हैं।
- नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग और अनुबंध कर्मियों को भी समान लाभ।
- बैंकों की साझेदारी से लागू, सरकार या कर्मचारियों पर कोई वित्तीय बोझ नहीं।
तेलंगाना के उप मुख्य मंत्री भट्टी विक्रमार्क ने राज्य विधानसभा में एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए बताया कि राज्य सरकार ने अपने कर्मचारियों, अनुबंध कर्मियों, आउटसोर्सिंग स्टाफ और पेंशनभोगियों के लिए 1 करोड़ रुपये की मुफ्त बीमा योजना शुरू की है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस स्तर का व्यापक बीमा कवरेज प्रदान करने वाला यह देश का पहला मामला है।
इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य किसी कर्मचारी की आकस्मिक या दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु की स्थिति में उनके परिवार को वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है। भट्टी विक्रमार्क ने स्पष्ट किया कि इस योजना को मानवीय आधार पर तैयार किया गया है ताकि शोक संतप्त परिवार आर्थिक तंगी का सामना न करें और उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का सहारा मिले।
योजना का विस्तृत विवरण
उप मुख्य मंत्री ने आंकड़ों के माध्यम से योजना की व्यापकता को समझाया। इस योजना के तहत कुल 12,91,056 लाभार्थी शामिल हैं। इनमें 5,18,293 नियमित कर्मचारी हैं, जबकि 5,00,158 कर्मचारी अस्थायी, आउटसोर्सिंग, अनुबंध, मल्टीपर्पज वर्कर, दैनिक वेतन भोगी, MGNREGS, MTS और SERP स्टाफ से संबंधित हैं। इसके अतिरिक्त, 2,72,600 पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों को भी इस सुरक्षा कवच के दायरे में लाया गया है।
यह पहल न केवल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यबल के मनोबल को बढ़ाने के लिए एक वैश्विक मानक स्थापित करती है।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that by including outsourcing and contract workers—who are typically marginalized in government benefit schemes—the Telangana government is redefining social security for the public sector. This move creates a powerful precedent for other Indian states to bridge the gap between permanent and temporary staff.
सरकार ने यह भी जानकारी दी कि इस योजना के कार्यान्वयन के लिए बैंकों के साथ रणनीतिक साझेदारी की गई है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि राज्य के खजाने या व्यक्तिगत कर्मचारियों की जेब पर कोई अतिरिक्त बोझ न पड़े। अब तक, 98 दावों का तेजी से निपटान किया जा चुका है और प्रभावित परिवारों को करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही, कर्मचारियों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए विशेष हेल्थ कार्ड भी जारी किए गए हैं।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: इस बीमा योजना का लाभ किसे मिलेगा?
उत्तर: यह योजना नियमित सरकारी कर्मचारियों, अनुबंध कर्मियों, आउटसोर्सिंग स्टाफ, दैनिक वेतन भोगियों और पेंशनभोगियों के लिए उपलब्ध है।
प्रश्न 2: क्या इस बीमा के लिए कर्मचारियों को कोई प्रीमियम देना होगा?
उत्तर: नहीं, यह एक मुफ्त बीमा योजना है जिसे बैंकों की साझेदारी के माध्यम से लागू किया गया है, जिससे कर्मचारियों पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ता।