डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने एक साहसिक भविष्यवाणी की है कि मदुरंतगम उपचुनाव में जीत टीवीके (TVK) पार्टी के पतन का संकेत होगी। यह मुकाबला तब शुरू हुआ जब एआईएडीएमके के विधायकों ने विजय की पार्टी का दामन थामा।
- डीएमके उम्मीदवार आई. परंतमन मदुरंतगम उपचुनाव लड़ रहे हैं।
- एआईएडीएमके विधायकों मरगतम कुमारवेल और सत्यभामा के टीवीके में शामिल होने से सीटें खाली हुईं।
- आरएस भारती ने दावा किया कि डीएमके की जीत जनवरी तक टीवीके के राजनीतिक प्रभाव को खत्म कर देगी।
तमिलनाडु की राजनीति में एक नया मोड़ आया है जब चुनाव आयोग ने 6 अक्टूबर को मदुरंतगम और तिरुप्पुर (धरापुरम) निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की घोषणा की है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब एआईएडीएमके के टिकट पर जीते विधायक मरगतम कुमारवेल और सत्यभामा ने अपने पदों से इस्तीफा देकर अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का दामन थाम लिया।
मदुरंतगम में एक जोरदार चुनावी रैली के दौरान, डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती ने एक बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि यदि पूर्व एगमोर विधायक और डीएमके विधि विभाग के उप सचिव आई. परंतमन जीतते हैं, तो जनवरी तक टीवीके का राजनीतिक अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। भारती ने जोर देकर कहा कि विधानसभा को परंतमन जैसे कानूनी विशेषज्ञ की सख्त जरूरत है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह उपचुनाव केवल दो सीटों की लड़ाई नहीं है, बल्कि विजय की टीवीके के लिए एक अग्निपरीक्षा है। एआईएडीएमके विधायकों को तोड़कर टीवीके ने एक शक्ति प्रदर्शन की कोशिश की, लेकिन अब डीएमके इसे यह साबित करने के अवसर के रूप में देख रही है कि 'विजय लहर' केवल सतही है। डीएमके की जीत टीवीके के मनोवैज्ञानिक प्रभाव को पूरी तरह समाप्त कर देगी।
मदुरंतगम का परिणाम यह तय करेगा कि क्या टीवीके वास्तव में सेलिब्रिटी लोकप्रियता को जमीनी चुनावी जीत में बदल सकती है।
अपने संबोधन में, आरएस भारती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे दिवंगत नेता कलाईग्नर करुणानिधि और मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन के खिलाफ टीवीके द्वारा की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियों को याद रखें। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अगले 21 दिनों तक पूरी निष्ठा से काम करने का आह्वान किया ताकि एक निर्णायक जीत सुनिश्चित की जा सके।
इसके अलावा, भारती ने मीसा (MISA) के ऐतिहासिक संघर्ष का जिक्र किया और बताया कि मीसा के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत मदुरंतगम से ही हुई थी। उन्होंने कहा कि जहाँ आज के नए विधायक मीसा के अत्याचारों से अनजान हैं, वहीं दुरैमुर्गन, टी.आर. बालू और एम.के. स्टालिन जैसे दिग्गजों ने उन कठिन दिनों को करीब से देखा है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रश्न 1: मदुरंतगम और धरापुरम में उपचुनाव क्यों हो रहे हैं?
क्योंकि पूर्व एआईएडीएमके विधायकों ने इस्तीफा देकर विजय की नई पार्टी टीवीके जॉइन कर ली थी।
प्रश्न 2: डीएमके के मुख्य उम्मीदवार कौन हैं?
मदुरंतगम से आई. परंतमन और धरापुरम से एस. सुकन्या चुनाव लड़ रही हैं।