चेन्नई के बेसेंट नगर में ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के हेल्थ वॉक पहल के तहत लगाई गई एक सुनहरी फाइबरग्लास कुत्ते की मूर्ति चोरी हो गई है। इस विचित्र घटना ने स्थानीय निवासियों और राहगीरों को सदमे में डाल दिया है।
- बेसेंट एवेन्यू रोड स्थित एक सेल्फी पॉइंट से फाइबरग्लास कुत्ते की मूर्ति चोरी।
- मूर्ति को उसके आधार से बेरहमी से काटकर अलग किया गया था।
- घटना की सूचना 9 वर्षीय स्कूली छात्रा 'रुद्रा' ने दी।
- यह मूर्ति ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन की 'हेल्थ वॉक' पहल का हिस्सा थी।
चेन्नई के बेसेंट नगर इलाके में एक बेहद अजीबोगरीब चोरी की घटना सामने आई है। बेसेंट एवेन्यू रोड, जिसे ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन द्वारा 'हेल्थ वॉक' पहल के तहत विकसित किया गया है, वहां स्थित एक लोकप्रिय सेल्फी पॉइंट से एक फाइबरग्लास कुत्ते की मूर्ति गायब हो गई है। यह मूर्ति केवल एक सजावट नहीं थी, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए एक पहचान बन चुकी थी।
इस सेल्फी पॉइंट पर दो मानव आकृतियां और एक कुत्ता था, जिन्हें सुनहरे रंग से रंगा गया था। इनमें से एक महिला आकृति ने कुत्ते को पट्टे (leash) से पकड़ा हुआ था। गुरुवार सुबह जब लोग वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि महिला के हाथ में पट्टा तो था, लेकिन कुत्ता गायब था। चोरों ने कुत्ते की मूर्ति को उसके पैरों के पास से बेरहमी से काट दिया, जिसके अवशेष अभी भी फुटपाथ पर मौजूद हैं।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that this incident is not just a simple theft of material, but a breach of public art and civic pride. The fact that a heavy fiberglass structure was removed in a busy area suggests a planned act of vandalism or a bizarre obsession with public installations. It highlights the vulnerability of urban art installations despite being in high-traffic 'Health Walk' zones.
इस घटना को तब दुनिया के सामने लाया गया जब तिरुवनमियुर की निवासी और फोटोग्राफर गायत्री नायर को एक छोटी बच्ची ने इसके बारे में बताया। यह बच्ची, जिसका नाम रुद्रा है और वह केवल 9 वर्ष की है, 'तिरुवनमियुर चेंजमेकर्स क्लब' की सदस्य है। यह क्लब बच्चों का एक समूह है जो अपने पड़ोस की नागरिक समस्याओं को हल करने का प्रयास करता है।
सार्वजनिक कला की ऐसी चोरी केवल संपत्ति का नुकसान नहीं है, बल्कि यह सामुदायिक स्थान के प्रति सम्मान की कमी को दर्शाती है।
स्थानीय निवासियों और 'चेंजमेकर्स क्लब' के सदस्यों ने अब इस 'सुनहरे कुत्ते' की तलाश शुरू कर दी है। चूंकि मूर्ति का रंग चमकीला सुनहरा है, इसलिए उम्मीद है कि इसे छिपाना मुश्किल होगा। समुदाय अब प्रशासन से इसकी बरामदगी और पुनर्स्थापना की मांग कर रहा है ताकि वह फाइबरग्लास महिला फिर से अपने 'पालतू' के साथ दिख सके।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यह मूर्ति कहाँ स्थित थी?
यह मूर्ति चेन्नई के बेसेंट नगर में बेसेंट एवेन्यू रोड पर एक सेल्फी पॉइंट का हिस्सा थी।
प्रश्न 2: चोरी की सूचना किसने दी?
9 वर्षीय रुद्रा ने, जो तिरुवनमियुर चेंजमेकर्स क्लब की सदस्य और स्थानीय छात्रा है।