ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के पहले दिन दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और गरज के साथ तूफान आया है, जिसके बाद मौसम विभाग (IMD) ने रेड अलर्ट जारी किया है।

  • IMD ने दिल्ली-एनसीआर के लिए रेड अलर्ट जारी किया, मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी।
  • यह मौसम व्यवधान 11-13 सितंबर तक चलने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन हुआ।
  • दिल्ली ने 774.4 मिमी की अपनी वार्षिक सामान्य वर्षा के आंकड़े को पार कर लिया है।

शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में बारिश का एक जोरदार दौर चला, जिसके बाद भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राजधानी के लिए रेड अलर्ट जारी किया। यह चेतावनी उस समय आई है जब दिल्ली 11 से 13 सितंबर तक ब्रिक्स (BRICS) नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रही है, जिसमें रूस, चीन और ईरान सहित कई वैश्विक नेता शामिल हो रहे हैं।

दोपहर 1 बजे जारी एक जिला-स्तरीय नाउकास्ट के अनुसार, दिल्ली के उत्तरी हिस्सों में बिजली कड़कने और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई थी, जिसके बाद शहर के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश हुई। स्वतंत्र मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया ने एक्स (X) पर जानकारी दी कि एनसीआर के पूर्व में बने तूफान के बादल तेजी से दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ रहे थे, जिससे नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुड़गांव प्रभावित हुए।

यह क्यों महत्वपूर्ण है

BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि उच्च-सुरक्षा वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान इस तरह की चरम मौसम घटनाएं गंभीर लॉजिस्टिक चुनौतियां पैदा करती हैं। खुले स्थानों की सुरक्षा से लेकर वीवीआईपी काफिलों के आवागमन तक, रेड अलर्ट सुरक्षा एजेंसियों को अपनी परिचालन योजनाओं को बदलने पर मजबूर करता है। इसके अलावा, दिल्ली द्वारा वार्षिक वर्षा के मानक को पार करना शहरी बुनियादी ढांचे के लिए एक चेतावनी है।

"तूफान के इन तेजी से चलने वाले दौरों के कारण कम समय में अधिक पानी जमा हो जाता है, जिससे शहरी इलाकों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लडिंग) की स्थिति बन सकती है।"

यह बारिश पांच दिनों के सूखे मौसम के बाद आई है, जिसमें तापमान में काफी वृद्धि देखी गई थी। गुरुवार को सफदरजंग में अधिकतम तापमान 36.6°C दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.1 डिग्री अधिक था। तापमान में इस वृद्धि ने वायुमंडलीय अस्थिरता को बढ़ाया, जिससे शुक्रवार को भारी बारिश हुई।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सितंबर आमतौर पर दिल्ली के लिए एक नम महीना होता है। उदाहरण के लिए, सितंबर 2021 में 413.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर तक दिल्ली में 69.5 मिमी बारिश हो चुकी है, जो सितंबर के दीर्घकालिक औसत (LPA) का 55% से अधिक है।

पैमानावर्तमान स्थिति (11 सितंबर)सामान्य/ऐतिहासिक औसत
सितंबर वर्षा69.5 मिमी120-125 मिमी (LPA)
वार्षिक मानकपार कर लिया गया774.4 मिमी
अधिकतम तापमान (गुरु)36.6°C3.5°C कम (सामान्य से)
क्या आप जानते हैं?: दिल्ली के वर्षा पैटर्न में भारी बदलाव देखा जाता है; जहाँ कुछ सितंबर सामान्य होते हैं, वहीं 2021 में औसत से लगभग चार गुना अधिक बारिश हुई थी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: रेड अलर्ट कब तक प्रभावी रहेगा?
उत्तर: तत्काल रेड अलर्ट शुक्रवार दोपहर के लिए जारी किया गया था, हालांकि शनिवार को भी कई स्थानों पर हल्की बारिश की संभावना है।

प्रश्न: क्या बारिश से ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम पर असर पड़ेगा?
उत्तर: हालांकि IMD ने चेतावनी दी है, लेकिन शिखर सम्मेलन के आयोजकों ने विश्व नेताओं के लिए इनडोर वेन्यू और सुरक्षित परिवहन के वैकल्पिक इंतजाम किए होते हैं।