रक्षा मंत्रालय और ICMAI की एक संयुक्त पहल के तहत, सशस्त्र बलों के जवानों को सेवानिवृत्ति के बाद लेखांकन (Accounting) क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। कोझिकोड में आयोजित इस चार महीने के कोर्स ने सैनिकों के लिए नए व्यावसायिक अवसर खोले हैं।
- 39 सशस्त्र बल कर्मियों ने कोझिकोड में 'सर्टिफिकेट ऑफ अकाउंटिंग टेक्नीशियन' (CAT) कोर्स पूरा किया।
- यह प्रशिक्षण रक्षा मंत्रालय के पुनर्वसन महानिदेशालय (DGR) और ICMAI की एक संयुक्त पहल है।
- कोर्स में थल सेना, नौसेना और वायु सेना के जवान शामिल थे।
कोझिकोड: भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद के जीवन को सुरक्षित और पेशेवर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। हाल ही में, कोझिकोड में 39 सैन्य कर्मियों ने सफलतापूर्वक 'सर्टिफिकेट ऑफ अकाउंटिंग टेक्नीशियन' (CAT) कोर्स पूरा कर लिया है, जो उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद कॉर्पोरेट और लेखांकन क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर प्रदान करेगा।
यह चार महीने का गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम रक्षा मंत्रालय के पुनर्वसन महानिदेशालय (DGR) और द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICMAI) के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस पहल का मुख्य उद्देश्य सैनिकों को केवल सुरक्षा सेवाओं या होम गार्ड जैसे पारंपरिक कार्यों तक सीमित न रखकर, उन्हें उच्च कौशल वाले पेशेवर क्षेत्रों में सक्षम बनाना है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह पहल?
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि सशस्त्र बलों से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती नागरिक जीवन में एक स्थिर और पेशेवर करियर की तलाश करना होता है। यह कोर्स उन्हें वित्तीय प्रबंधन और अकाउंटिंग जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करता है, जिससे उनकी आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
सेवा के दौरान अतिरिक्त कौशल प्राप्त करना सेवानिवृत्ति के बाद करियर की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए अनिवार्य है।
कोर्स में शामिल प्रतिभागियों में 27 थल सेना के जवान, 9 नौसेना के कर्मी और 3 वायु सेना के सदस्य शामिल थे। ये सभी कर्मी मार्च 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले हैं। प्रशिक्षण के दौरान इन जवानों को चार महीने का विशेष अवकाश भी प्रदान किया गया था ताकि वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ऐतिहासिक रूप से, सैन्य कर्मियों का पुनर्वसन मुख्य रूप से सुरक्षा और अर्धसैनिक बलों तक सीमित रहा है। हालांकि, पिछले कुछ वर्षों में DGR ने कौशल विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है, ताकि पूर्व सैनिकों को बैंकिंग, वित्त और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एक सम्मानजनक स्थान मिल सके।
समापन समारोह में कोझिकोड के नेवल यूनिट NCC के कमांडिंग ऑफिसर विष्णु ई.जी. ने इस पहल की सराहना की। साथ ही, DGR के संयुक्त निदेशक कमांडर राहिल ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर कर्मियों को निरंतर सीखने और पेशेवर विकास के महत्व के बारे में प्रेरित किया।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: यह कोर्स किसके द्वारा आयोजित किया गया था?
उत्तर: यह कोर्स रक्षा मंत्रालय के DGR और ICMAI के कोझिकोड-मल्लपुरम चैप्टर द्वारा आयोजित किया गया था।
प्रश्न 2: इस कोर्स का मुख्य उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य सैनिकों को सेवानिवृत्ति के बाद अकाउंटिंग क्षेत्र में पेशेवर रोजगार के योग्य बनाना है।