विनायक चतुर्थी के उपलक्ष्य में वेल्लोर, रानीपेट और अन्य जिलों में मूर्ति विसर्जन के लिए 29 सिंचाई टैंकों की पहचान की गई है। प्रशासन ने सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

  • वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपट्टुर और तिरुवन्नामलई जिलों में 29 जलाशयों को विसर्जन के लिए चुना गया है।
  • पर्यावरण को बचाने के लिए केवल मिट्टी और प्राकृतिक रंगों वाली मूर्तियों की अनुमति होगी।
  • सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और नगर निगम द्वारा बैरिकेडिंग और सीसीटीवी निगरानी की जाएगी।

विनायक चतुर्थी के आगामी उत्सव को देखते हुए, तमिलनाडु के विभिन्न जिलों के जिला प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के लिए विस्तृत योजना तैयार की है। प्रशासन ने वेल्लोर, रानीपेट, तिरुपट्टुर और तिरुवन्नामलई जिलों में कुल 29 जलाशयों, जिनमें मुख्य रूप से जल संसाधन विभाग (WRD) द्वारा प्रबंधित सिंचाई टैंक शामिल हैं, की पहचान की है।

वेल्लोर कॉर्पोरेशन की आयुक्त ए. सुल्ताना ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जुलूस मार्गों से अतिक्रमण, जैसे सड़क किनारे की दुकानों को हटाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, जल निकायों और रास्तों के पास लकड़ी के बैरिकेड्स लगाए जाएंगे ताकि विसर्जन प्रक्रिया सुरक्षित रूप से संपन्न हो सके।

क्यों यह महत्वपूर्ण है

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि प्रशासन का यह कदम न केवल सार्वजनिक सुरक्षा बल्कि जल संसाधनों के संरक्षण के प्रति भी एक गंभीर प्रयास है। चूंकि ये जलाशय सिंचाई और भूजल पुनर्भरण (groundwater recharge) के लिए महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इनमें प्रदूषण रोकना अनिवार्य है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विसर्जन केवल जलाशयों के बांध (bund) के पास ही किया जाना चाहिए ताकि दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देते हुए, TNPCB (तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। केवल प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल सामग्री जैसे मिट्टी और पारंपरिक रंगों से बनी मूर्तियों की ही अनुमति दी जाएगी। प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP), प्लास्टिक, थर्मोकोल और जहरीले रासायनिक रंगों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

विभिन्न जिलों में जलाशयों का विवरण

जिलानिर्धारित जलाशयों की संख्या/विवरण
तिरुवन्नामलई11 जलाशय (थमरई कुलम, पोलोर झील आदि)
रानीपेट6 जलाशय (रानीपेट, अर्कोट और अरक्कोनम में 2-2)
तिरुपट्टुर6 जलाशय (अधियुर, कल्लुकुटाई आदि)
वेल्लोर4 जलाशय (वेल्लोर और गुडियाथम में)

सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए, पुलिस बल को चिन्हित जलाशयों पर तैनात किया जाएगा। पूरे जुलूस की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से की जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

Did You Know?: सिंचाई टैंकों का उपयोग न केवल खेती के लिए किया जाता है, बल्कि वे स्थानीय समुदायों के लिए बोरवेल के माध्यम से पीने के पानी का मुख्य स्रोत भी होते हैं।

Frequently Asked Questions

1. क्या प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियों की अनुमति है?
नहीं, पर्यावरण सुरक्षा के लिए केवल मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बनी मूर्तियों की ही अनुमति है।

2. विसर्जन के दौरान सुरक्षा के क्या उपाय किए गए हैं?
पुलिस की तैनाती, लकड़ी के बैरिकेड्स और सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।