गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर शहीद आरएफओ विकास देसाई के परिवार को 50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। साथ ही, वन्यजीव संघर्ष में घायल एक कर्मचारी को भी सहायता राशि दी गई।
- मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शहीद आरएफओ विकास देसाई के परिवार को 50 लाख रुपये का चेक सौंपा।
- वन्यजीव संघर्ष में घायल कर्मचारी कालूभाई बोघाभाई परमार को 2 लाख रुपये की सहायता दी गई।
- 1981 से अब तक कर्तव्य पथ पर जान गंवाने वाले गुजरात के 11 वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी गई।
गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय वन शहीद दिवस के अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने वन शहीदों के स्मारक का दौरा किया। इस भावुक कार्यक्रम के दौरान, मुख्यमंत्री ने उन जांबाज वन कर्मियों के बलिदान को याद किया जिन्होंने राज्य की प्राकृतिक संपदा और वन्यजीवों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दक्षिण गुजरात के तापी जिले के रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर (RFO) विकास देसाई के परिवार से मुलाकात की। विकास देसाई ने जुलाई माह में अवैध लकड़ी के परिवहन को रोकने के प्रयास में अपनी जान गंवाई थी। अपनी सुरक्षा की परवाह न करते हुए, उन्होंने तस्करों को रोकने की कोशिश की, जिससे एक दुखद दुर्घटना हुई। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार को परोपकारी कोष से 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह कदम न केवल पीड़ित परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करता है, बल्कि अग्रिम पंक्ति के वन कर्मियों के मनोबल को भी बढ़ाता है। वन विभाग के कर्मचारी अक्सर अत्यंत खतरनाक परिस्थितियों में काम करते हैं, जहां उन्हें तस्करों और हिंसक वन्यजीवों दोनों का सामना करना पड़ता है। सरकार द्वारा इस तरह का सम्मान और सहायता यह संदेश देता है कि राज्य अपने नायकों के बलिदान को भूलता नहीं है।
वन रक्षकों का बलिदान अक्सर गुमनाम रहता है, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करना पर्यावरण संरक्षण के लिए अनिवार्य है।
कार्यक्रम में केवल वित्तीय सहायता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाएं भी दिखीं। मुख्यमंत्री ने 6 जुलाई 2026 को एक शेर के साथ मुठभेड़ में घायल हुए वन विभाग के कर्मचारी कालूभाई बोघाभाई परमार को भी सम्मानित किया और उन्हें 2 लाख रुपये का चेक सौंपा।
इस गरिमामयी समारोह में वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोधवाडिया और राज्य मंत्री प्रविणकुमार माली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और अन्य राज्यों (हिमाचल, झारखंड, ओडिशा और उत्तराखंड) के वन विभाग के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने 1981 से अब तक शहीद हुए 11 वन कर्मियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: आरएफओ विकास देसाई की मृत्यु कैसे हुई?
उत्तर: विकास देसाई की मृत्यु जुलाई में अवैध लकड़ी के परिवहन को रोकने और तस्करों का पीछा करने के दौरान एक दुर्घटना में हुई थी।
प्रश्न 2: राष्ट्रीय वन शहीद दिवस का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: इसका उद्देश्य वन रक्षकों, फॉरेस्टर्स और आरएफओ के बलिदान को सम्मान देना और भविष्य की पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।