भारत में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और यहूदी समुदाय को नए साल 'रोश हशनाह' की शुभकामनाएं दी हैं। पीएम मोदी ने इस अवसर पर शांति, स्वास्थ्य और वैश्विक प्रगति की कामना की है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और यहूदी समुदाय को रोश हशनाह की बधाई दी।
  • यह संदेश 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के आयोजन के दौरान साझा किया गया।
  • पीएम मोदी ने विशेष रूप से शांति, आशा और बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है।

नई दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की गहमागहमी के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक महत्वपूर्ण राजनयिक संकेत दिया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया के माध्यम से इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, इजरायल के नागरिकों और दुनिया भर के यहूदी समुदायों को यहूदी नववर्ष 'रोश हशनाह' की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने 'शाना टोवा' (Shana Tova) शब्द का प्रयोग किया, जिसका अर्थ है 'एक अच्छा वर्ष'। उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नेतन्याहू, इजरायल के लोगों और दुनियाभर के यहूदी समुदायों को रोश हशनाह की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। कामना है कि नया साल सभी के लिए शांति, उम्मीद, अच्छी सेहत और निरंतर प्रगति लेकर आए।"

यह क्यों महत्वपूर्ण है?

BozokMedia के विश्लेषण के अनुसार, यह संदेश केवल एक औपचारिक बधाई नहीं है, बल्कि एक गहरे रणनीतिक संतुलन का संकेत है। एक तरफ भारत BRICS जैसे मंच पर रूस, चीन और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं के साथ वैश्विक दक्षिण (Global South) की आवाज बुलंद कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ इजरायल के साथ अपने मजबूत रणनीतिक और रक्षा संबंधों को बनाए रखना चाहता है। वैश्विक तनावों के बीच 'शांति और उम्मीद' शब्दों का चयन यह दर्शाता है कि भारत मध्य-पूर्व में स्थिरता का प्रबल समर्थक है।

"राजनयिक स्तर पर ऐसे व्यक्तिगत संदेश जटिल भू-राजनीतिक माहौल में रिश्तों की गर्माहट को बनाए रखने का एक प्रभावी तरीका होते हैं।"

ऐतिहासिक संदर्भ: रोश हशनाह यहूदी कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है, जो आत्मनिरीक्षण और नए साल की शुरुआत का प्रतीक है। भारत और इजरायल के संबंध पिछले एक दशक में रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचे हैं, जिसमें कृषि, रक्षा और प्रौद्योगिकी प्रमुख क्षेत्र रहे हैं।

यह घटनाक्रम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि दिल्ली में BRICS समिट के दौरान दुनिया के कई शक्तिशाली नेता मौजूद हैं। जहाँ एक ओर साझा बयानों और व्यापार समझौतों पर चर्चा हो रही है, वहीं पीएम मोदी का यह कदम भारत की 'मल्टी-एलाइनमेंट' (बहु-संरेखण) विदेश नीति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

क्या आप जानते हैं?: रोश हशनाह के दौरान पारंपरिक रूप से शहद में डूबे हुए सेब खाए जाते हैं, जो आने वाले वर्ष में मिठास और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न 1: रोश हशनाह क्या है?
उत्तर: यह यहूदी समुदाय का नया साल है, जिसे उत्सव और प्रार्थना के साथ मनाया जाता है।

प्रश्न 2: 18वां BRICS शिखर सम्मेलन कहाँ आयोजित हो रहा है?
उत्तर: यह शिखर सम्मेलन नई दिल्ली, भारत में आयोजित किया जा रहा है।