तिरुवनंतपुरम में बहुप्रतीक्षित वट्टियुर्कावु जंक्शन विकास परियोजना का निर्माण कार्य सोमवार से शुरू होने जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री के. मुरलीधरन इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे परियोजना का उद्घाटन करेंगे।

  • वट्टियुर्कावु जंक्शन विकास परियोजना का निर्माण कार्य 14 सितंबर से शुरू होगा।
  • परियोजना की कुल संशोधित लागत ₹531.76 करोड़ है।
  • ULCCS को सड़क, पुलिया और रिटेनिंग वॉल के निर्माण का ठेका दिया गया है।
  • 500 से अधिक व्यापारियों के पुनर्वास के लिए शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का काम जारी है।

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के लिए एक बड़ी खबर है। बहुप्रतीक्षित वट्टियुर्कावु जंक्शन विकास परियोजना का नागरिक कार्य सोमवार, 14 सितंबर, 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री और वट्टियुर्कावु के विधायक के. मुरलीधरन द्वारा मारुथकुझी के पास किया जाएगा।

केरल रोड फंड बोर्ड ने इस परियोजना का अनुबंध उरलुंगल लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी (ULCCS) को सौंपा है। इस कार्य के दायरे में सड़कों का निर्माण, पुलिया (culverts), रिटेनिंग वॉल का निर्माण और मौजूदा उपयोगिता लाइनों (utility lines) को स्थानांतरित करना शामिल है। यह परियोजना क्षेत्र के निवासियों के लिए वर्षों से एक प्रमुख मांग रही है।

परियोजना का विवरण और लागत

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत ₹506.48 करोड़ के अनुमान के साथ हुई थी, जिसे बाद में संशोधित कर ₹531.76 करोड़ कर दिया गया। इस कुल राशि का एक बहुत बड़ा हिस्सा, लगभग ₹458.94 करोड़, भूमि अधिग्रहण के लिए आवंटित किया गया है। परियोजना के तहत 10.8 किलोमीटर लंबे मार्ग का विकास किया जाएगा, जिसमें शास्त्रीमंगलम-वट्टियुर्कावु-मन्नरक्कॉनम-पेरूरकाडा से लेकर मुक्कोला और वज़यिला तक का क्षेत्र शामिल है।

सड़क की चौड़ाई 18.5 मीटर रखी जाएगी। भूमि अधिग्रहण के लिए केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (KIIFB) से ₹385 करोड़ की फंडिंग प्राप्त हुई है। इस प्रक्रिया के दौरान, प्रभावित भूमि स्वामियों को प्रति सेंट ₹40 लाख तक का मुआवजा प्रदान किया गया है, जो कि एक महत्वपूर्ण राहत है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण नहीं है, बल्कि तिरुवनंतपुरम के शहरी बुनियादी ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह यातायात की भीड़ को कम करने और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण है। परियोजना के तहत 500 से अधिक व्यापारियों के पुनर्वास के लिए एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी।

यह परियोजना केरल के शहरी नियोजन में एक मील का पत्थर साबित होगी, जो विकास और पुनर्वास के बीच संतुलन स्थापित करती है।

राजनीतिक रूप से भी यह परियोजना काफी चर्चा में रही है। हालिया विधानसभा चुनावों के दौरान, LDF और UDF के बीच इस परियोजना की प्रगति को लेकर तीखी बहस हुई थी। जहाँ LDF ने भूमि अधिग्रहण का श्रेय लिया, वहीं UDF ने पिछले एक दशक की देरी पर सवाल उठाए थे।

Did You Know?: इस परियोजना के तहत सड़क की चौड़ाई 18.5 मीटर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे भविष्य में यातायात सुगम होगा।

Frequently Asked Questions

1. इस परियोजना का ठेकेदार कौन है?
इस परियोजना का निर्माण कार्य उरलुंगल लेबर कॉन्ट्रैक्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी (ULCCS) द्वारा किया जा रहा है।

2. परियोजना की कुल लागत क्या है?
परियोजना की संशोधित कुल लागत ₹531.76 करोड़ है।