कृषि विभाग ने राष्ट्रीय कुकिंग ऑयल मिशन के तहत विरुद्घनगर जिले में ग्राउंडनट और सूरजमुखी के लिए मूल्यवर्धक क्लस्टर और डेमो प्लॉट स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह पहल किसानों को नई किस्में और उच्च उपज वाली तकनीकें उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखती है।
- ग्राउंडनट क्लस्टर 1,000 हेक्टेयर पर
- सूरजमुखी क्लस्टर 300 हेक्टेयर पर
- डेमो प्लॉट 100 हेक्टेयर पर
कृषि विभाग ने राष्ट्रीय कुकिंग ऑयल मिशन के अंतर्गत विरुद्घनगर जिले में कुकिंग ऑयल बीज के उत्पादन को बढ़ाने के लिए मूल्यवर्धक क्लस्टर और डेमो प्लॉट स्थापित करने का निर्णय लिया है। यह योजना 2026 से शुरू होकर 2033 तक पूर्ण रूप से लागू होगी।
विरुद्घनगर कलेक्टर एन.ओ. सुखापत्रा ने कहा कि ग्राउंडनट क्लस्टर और डेमो प्लॉट करीयापाट्टी, एम. रेड्डियापाट्टी, नारिकुड़ी, वाट्राप, विरुद्घनगर और अरुपुकोट्टई ब्लॉकों में स्थापित किए जाएंगे। यह क्लस्टर 1,000 हेक्टेयर के कृषि भूमि पर आधारित होगा।
किसानों को सात वर्ष के भीतर नई ग्राउंडनट किस्में प्रदान की जाएंगी, जबकि उच्च उपज वाली नई तकनीकों का उपयोग करके उत्पादन बढ़ाने की योजना है। इसके अतिरिक्त, ऑयल प्रोडक्शन के लिए किसानों के प्रोड्यूसर संगठन के माध्यम से ग्राउंडनट की खरीद की व्यवस्था भी की जाएगी।
सूरजमुखी के लिए 300 हेक्टेयर का मूल्यवर्धक क्लस्टर और 100 हेक्टेयर के डेमो प्लॉट विरुद्घनगर, अरुपुकोट्टई और एम. रेड्डियापाट्टी ब्लॉकों में स्थापित किये जाएंगे। यह पहल देश के कुकिंग ऑयल उत्पादन को स्वावलंबी बनाने के लक्ष्य को सुदृढ़ करेगी।
Why This Matters
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह परियोजना कच्चे तेल की आपूर्ति को स्थिर करने के साथ-साथ किसानों को बेहतर आय और रोजगार के अवसर प्रदान करेगी। यह कदम भारत की स्वदेशी तेल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
"ग्राउंडनट और सूरजमुखी के क्लस्टर किसानों को तकनीकी सहायता और बाज़ार पहुँच दोनों ही प्रदान करेंगे," कहते हैं डॉ. रश्मि शेट्टी, कृषि विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
1. क्या यह योजना सभी किसानों के लिए खुली है? हाँ, यह योजना स्थानीय कृषि समुदाय के सभी योग्य किसानों को लाभान्वित करने के लिए डिजाइन की गई है।
2. डेमो प्लॉट्स का मुख्य उद्देश्य क्या है? डेमो प्लॉट्स नई किस्मों और उन्नत खेती तकनीकों का परीक्षण करने के लिए हैं, ताकि किसानों को व्यावहारिक अनुभव मिले।