बिजनौर के एक छिपे हुए पटाखा कारखाने से 1200 किलोग्राम बारूद, 40 सुतली बम और 315/32 बोर के कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया और महाराष्ट्र में सप्लायर अमजद की तलाश जारी है।
- 1200 किलोग्राम बारूद और सुतली बम बरामद
- सप्लायर अमजद को महाराष्ट्र में ढूंढा जा रहा है
- पूरे नेटवर्क की जाँच जारी, अन्य स्थानों पर भी जांच शुरू
बिजनौर के हीमपुर क्षेत्र में एक अवैध पटाखा फैक्ट्री पर पुलिस ने छापे के दौरान 1200 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक सामग्री, 40 सुतली बम और 315 तथा 32 बोर के कारतूस बरामद किये। इस ऑपरेशन में यूसुफ बारूद और गुफरान को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, फैक्ट्री में 538 किलोग्राम पोटैशियम नाइट्रेट, 559 किलोग्राम गंधक और 130 किलोग्राम एल्युमिनियम पाउडर भी मौजूद थे। इन सामग्रियों से न सिर्फ पटाखे बल्कि बड़े पैमाने पर बम और कारतूस बनाये जा रहे थे, जो महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में सप्लाई किये जा रहे थे।
एसपी क.के. बिश्नोई ने चेतावनी दी कि अगर इस मात्रा में बारूद में किसी प्रकार का विस्फोट होता, तो लगभग 1000 टन टीएनटी के बराबर प्रकोप शहर को तहस-नहस कर सकता था। उन्होंने कहा, “यह बेहद खतरनाक अपराध है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
Why This Matters
इस घटना से स्पष्ट होता है कि भारत में अभी भी अवैध विस्फोटक निर्माण की गहरी जड़ें हैं। BozokMedia के विश्लेषण से पता चलता है कि ऐसे नेटवर्क का नाश न केवल स्थानीय सुरक्षा को बढ़ाता है बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के संभावित हथियारों को भी रोके रखता है।
“इस तरह के बड़े पैमाने पर विस्फोटक भंडारण का पता चलना एक चेतावनी है कि हमें सख्त नियामक ढांचे और कड़ी निगरानी की जरूरत है।” – डॉ. आर. पाटिल, विस्फोटक सुरक्षा विशेषज्ञ।
Frequently Asked Questions
1. क्या यह घटना पूरी तरह से अनजानी थी?
नहीं, पुलिस को पहले ही मुखबिर की सूचना मिली थी और उन्होंने तुरंत कार्रवाई की।
2. सप्लायर अमजद को क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया?
अमजद महाराष्ट्र में रहते हैं और पुलिस की टीम अभी भी उनकी खोज में है।