केरल सरकार ने राज्य के बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक 14 सदस्यीय उच्च स्तरीय गवर्निंग काउंसिल का गठन किया है।
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 14 सदस्यीय गवर्निंग काउंसिल का गठन।
- बुजुर्गों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा पर केंद्रित।
- विभिन्न सरकारी विभागों और स्थानीय निकायों के बीच समन्वय स्थापित करना मुख्य लक्ष्य।
- परिषद साल में कम से कम दो बार बैठक करेगी।
केरल सरकार ने राज्य के बुजुर्ग नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और उनके लिए एक सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। सरकार ने बुजुर्ग कल्याण से संबंधित गतिविधियों के समन्वय और निगरानी के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय गवर्निंग काउंसिल के गठन की घोषणा की है।
यह 14 सदस्यीय परिषद न केवल बुजुर्गों की सुरक्षा और स्वास्थ्य देखभाल पर ध्यान केंद्रित करेगी, बल्कि उनकी सामाजिक भागीदारी, मानसिक स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को भी सुदृढ़ बनाएगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न सरकारी विभागों, स्थानीय स्वशासी संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों द्वारा लागू की जा रही योजनाओं के बीच सामंजस्य बिठाना है।
परिषद की संरचना और कार्यप्रणाली
परिषद में व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। बुजुर्ग कल्याण विभाग के सचिव इसके संयोजक होंगे। इसके सदस्यों में सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, वित्त, राजस्व, स्थानीय स्वशासन, महिला एवं बाल विकास, गृह, और श्रम विभाग के सचिव शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, केरल राज्य बुजुर्ग आयोग के सचिव और बुजुर्ग कल्याण विभाग के निदेशक भी इसके सदस्य होंगे। आवश्यकता पड़ने पर क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी इसमें शामिल किया जा सकता है।
बुजुर्गों के लिए एक एकीकृत नीतिगत ढांचा तैयार करना समाज के प्रति राज्य की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
BozokMedia विश्लेषण: यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि केरल की जनसांख्यिकीय संरचना में बुजुर्गों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह कदम अत्यंत आवश्यक था। यह परिषद 'सिल्वर इकोनॉमी' (Silver Economy) और 'एक्टिव एजिंग' (Active Ageing) जैसे आधुनिक अवधारणाओं पर काम करेगी, जिससे बुजुर्ग केवल लाभार्थी न रहकर समाज का सक्रिय हिस्सा बन सकें।
ऐतिहासिक संदर्भ
भारत के कई राज्यों में बढ़ती उम्र के साथ सामाजिक अलगाव एक बड़ी चुनौती बन गया है। केरल, जो अपने उच्च साक्षरता दर और उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जाना जाता है, अब इस दिशा में एक मॉडल राज्य बनने की ओर अग्रसर है।
Frequently Asked Questions
1. इस परिषद का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य बुजुर्गों से संबंधित राज्य की नीतियों और योजनाओं का समन्वय करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
2. परिषद की बैठकें कितनी बार होंगी?
सरकारी आदेश के अनुसार, परिषद को वर्ष में कम से कम दो बार बैठक करनी होगी।