ट्यूनीशिया में राष्ट्रपति काईस सैद ने सत्ता केंद्रीकृत कर ली, लेकिन आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ और नागरिक स्वतंत्रताएँ घट गई हैं। पाँच साल बाद भी जनता को वही आर्थिक और सामाजिक संकट झेलना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु
- सैद की सत्ता जमा करने के बाद जीडीपी वृद्धि में कोई सुधार नहीं।
- फ्रीडम हाउस सूचकांक 2020 से 2026 तक 70 से घटकर 42 हो गया।
- अमेरिकी सैन्य सहायता घटने के बावजूद सुरक्षा सहयोग में कुछ सुधार दिखा।
पृष्ठभूमि
27 जुलाई 2021 को ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति काईस सैद ने संसद को निलंबित कर दिया, जिससे अरब दुनिया की एकमात्र कार्यशील संवैधानिक लोकतंत्र पर सवाल उठे। तत्कालीन यू.एस. असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने इस कदम को देख कर ट्यूनीशिया की राजनीतिक स्थिति का आकलन करने के लिए मिशन भेजा।
सैद ने दावा किया कि उनका कदम भ्रष्टाचार को समाप्त करने और संविधान को पूरी तरह लागू करने के लिए था, लेकिन नई सरकार या संविधान की स्पष्ट रूपरेखा नहीं दी गई। इस बीच, उनके निकटतम सलाहकार नादिया अकाशा ने बताया कि जनता बदलाव की इच्छा रखती है, पर वे अभी भी इंतजार में हैं।
आर्थिक और सामाजिक स्थिति
पिछले पाँच वर्षों में ट्यूनीशिया की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 2018 के स्तर पर ही ठहर गई, जबकि बेरोजगारी में कोई उल्लेखनीय गिरावट नहीं आई। सार्वजनिक ऋण-जीडीपी अनुपात 73% से बढ़कर 81% से अधिक हो गया।
फ्रीडम हाउस के “Freedom in the World” सूचकांक में ट्यूनीशिया का स्कोर 70 से घटकर 42 हो गया, जिससे नागरिक स्वतंत्रताओं में गिरावट स्पष्ट होती है। कई राजनीतिक और नागरिक नेताओं को गिरफ्तार किया गया, और प्रेस की स्वतंत्रता भी गंभीर रूप से प्रतिबंधित हुई।
Why This Matters
BozokMedia analysis shows that continued political repression coupled with stagnant economic growth threatens regional stability, especially as neighboring Sahel nations grapple with similar challenges. Without a democratic reset, Tunisia risks becoming a magnet for unrest that could spill over its borders.
“ट्यूनीशिया को आर्थिक सुधार और बहु-पक्षीय लोकतंत्र के बीच संतुलन बनाना आवश्यक है, नहीं तो सामाजिक तनाव बढ़ेगा।” – अंतरराष्ट्रीय संबंधों के प्रोफेसर डॉ. लारा मेहदी
Frequently Asked Questions
प्रश्न 1: क्या ट्यूनीशिया में आगामी चुनावों में वास्तविक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है?
उत्तर: अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया अभी भी राष्ट्रपति के नियंत्रण में है, जिससे स्वतंत्र परिणाम की संभावना सीमित है।
प्रश्न 2: अमेरिकी सहायता का ट्यूनीशिया की सुरक्षा पर क्या प्रभाव पड़ा है?
उत्तर: अमेरिकी सैन्य सहायता मुख्यतः प्रशिक्षण और अभ्यास पर केंद्रित रही है, जिसने ट्यूनीशिया की सुरक्षा सेवाओं को आतंकवाद के खिलाफ प्रभावी बनाय़ा है।