ममता बनर्जी ने कहा कि वह ट्रिनामूल कांग्रेस को फिर से पुनर्गठित करेंगी, जैसा उन्होंने 2004 में किया था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को 21 जुलाई के शहीद दिवस रैली में भाग लेने और भाजपा के दबाव से दूर रहने का आह्वान किया।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways)
- ममता बनर्जी ने 2004 की तरह पार्टी को पुनर्निर्माण करने का वादा किया।
- भाजपा के दबाव में हुए कई राजनैतिक पलायन को उन्होंने ‘ब्याज’ कहा।
- 21 जुलाई को बर्ला प्लैनेटेरियम के पास शहीद दिवस रैली को आयोजित किया जाएगा।
कोलकाता – 16 जुलाई, 2026 को ट्रिनामूल कांग्रेस (टीएमसी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष ममता बनर्जी ने एक तेज़ी से बढ़ते राजनीतिक संकट के बीच एक स्पष्ट संदेश दिया: “मैं फिर से पार्टी को बनाऊँगी, जैसा मैंने 2004 में किया था।” यह बयान तब आया जब पार्टी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक, मदन मिथ्रा, ने विरोधी धड़े में शामिल होकर अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाया।
पार्टी के पिछले उतार-चढ़ाव की याद
ट्रिनामूल कांग्रेस की स्थापना 1998 में हुई थी, लेकिन 2004 में जब पार्टी के पास केवल एक सांसद ही बचा था, तब ममता ने अपनी रणनीतिक कुशलता से पार्टी को पुनर्जीवित किया। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर मजबूत गठजोड़ बनाकर, सामाजिक मुद्दों को उठाकर और युवा वर्ग को आकर्षित करके टीएमसी को फिर से शक्ति के शिखर पर पहुंचाया। आज वे वही आत्मविश्वास दिखा रही हैं, यह जताते हुए कि “मैं मर नहीं रही, मैं लड़ती रहूँगी।”
भाजपा के ‘ब्याज’ का आरोप
ममता ने कहा कि कई राजनेता भाजपा की लाप को “ब्याज” समझ कर पार्टी छोड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि “भाजपा के लाप पर बैठे लोगों के पास बहुत सारा सामान है, और जो इस ‘ब्याज’ वाले धड़े में जा रहे हैं, उनके पास भी बहुत सारा सामान है जिसे उन्हें बचाना पड़ता है।” उनका दावा है कि केंद्र सरकार के जांच एजेंसियों और पुलिस का उपयोग करके विपक्षी नेताओं को डराया जा रहा है, जिससे कई सांसद और विधायकों ने पार्टी छोड़ दी। फिर भी, उनका कहना है कि 18 सांसद (लोकसभा और राज्यसभा दोनों में) अभी भी टीएमसी के पक्ष में हैं।
शहीद दिवस रैली और जनता को आह्वान
21 जुलाई को कोलकाता में बर्ला प्लैनेटेरियम के पास शहीद दिवस रैली आयोजित की जाएगी, जो पहली बार कोलकाता हाई कोर्ट के आदेश से इस स्थान पर होगी। ममता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, “दूसरे स्थानों, विशेषकर मेयो रोड पर विरोधी धड़े की रैली में न जाएँ। अगर पुलिस आपको वहाँ धकेलती है, तो तुरंत हमारे स्थल पर लौट आएँ।” यह रैली पार्टी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन सकती है, क्योंकि यह दर्शकों को एकजुट करने और विरोधियों के प्रभाव को कम करने का प्रयत्न है।
सोनम वांगचुक के साथ समर्थन
ममता ने बताया कि उन्होंने हाल ही में सोनम वांगचुक से बात की, जो नई दिल्ली में एनईटी पेपर लीक के खिलाफ भूख हड़ताल कर रहे हैं और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उन्होंने वांगचुक को “जोड़ने वाले” कहा और कहा कि उनका समर्थन जनता को सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
इन सभी घटनाओं के बीच, ममता बनर्जी का संदेश स्पष्ट है: “मैं पार्टी को फिर से बनाऊँगी, और इस बार भी हम जीतेंगे।”