केरल में यूडीएफ (UDF) ने पीएम श्री (PM SHRI) योजना के प्रति अपने कड़े विरोध को हटा लिया है। पार्टी का कहना है कि स्कूली शिक्षा के लिए केंद्र से मिलने वाली संघीय फंडिंग राज्य के लिए अत्यंत आवश्यक है।
मुख्य बातें
- यूडीएफ ने पीएम श्री योजना का विरोध करने से किया पीछे।
- केंद्र से मिलने वाली महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता को बताया मुख्य कारण।
- पूर्व एलडीएफ सरकार द्वारा हस्ताक्षरित एमओयू (MoU) को स्वीकार किया।
- शिक्षा के क्षेत्र में केरल की वित्तीय जरूरतों पर जोर दिया।
केरल की सत्ताधारी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने गुरुवार को एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए पीएम श्री (PM SHRI) योजना के प्रति अपने कड़े विरोध को वापस ले लिया है। इससे पहले, यूडीएफ इस योजना को 'हिंदुत्व समर्थक' नई शिक्षा नीति (NEP) से जुड़ा हुआ बताकर इसका विरोध कर रहा था।
यूडीएफ संयोजक अदूर प्रकाश ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट किया कि राज्य की स्कूली शिक्षा के लिए केंद्र से मिलने वाली महत्वपूर्ण संघीय फंडिंग को खोना वर्तमान सरकार के लिए संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारें स्थायी होती हैं और पिछली एलडीएफ (LDF) सरकार द्वारा किए गए कुछ वित्तीय समझौतों को वर्तमान सरकार द्वारा रद्द नहीं किया जा सकता।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, यह निर्णय केरल की शिक्षा व्यवस्था के लिए वित्तीय स्थिरता और राजनीतिक विचारधारा के बीच के संघर्ष को दर्शाता है। केंद्र से मिलने वाली धनराशि के बिना, राज्य के स्कूलों का आधुनिकीकरण और बुनियादी ढांचा विकास गंभीर रूप से बाधित हो सकता है।
'वित्तीय प्रतिबद्धताएं अक्सर राजनीतिक विचारधाराओं पर भारी पड़ती हैं, और केरल के मामले में शिक्षा का बजट सर्वोपरि है।'
अदूर प्रकाश ने इस स्थिति के लिए पूर्व सीपीआई(एम) सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन एलडीएफ सरकार ने बिना व्यापक परामर्श के और गुप्त रूप से केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि सीपीआई (CPI) के सहयोगियों को भी इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारे में सूचित नहीं किया गया था।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
केरल में शिक्षा नीतियों को लेकर अक्सर केंद्र और राज्य के बीच टकराव देखा जाता रहा है। पीएम श्री योजना का उद्देश्य मॉडल स्कूलों का विकास करना है, लेकिन इसे अक्सर राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन के रूप में देखा जाता है, जिसे कुछ विपक्षी दल राज्य की स्वायत्तता के लिए खतरा मानते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यूडीएफ ने अपना रुख क्यों बदला?
यूडीएफ ने कहा कि केरल की स्कूली शिक्षा के लिए केंद्र से मिलने वाली संघीय फंडिंग को छोड़ना राज्य के हित में नहीं है।
2. पीएम श्री योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसका उद्देश्य स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षण पद्धति में सुधार करना है।