कर्नाटक गृह विभाग ने पिछले तीन वर्षों में राज्य भर में 771 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान करने की पुष्टि की है। इनमें से अधिकांश बेंगलुरु शहर में पाए गए हैं, और सरकार ने निर्वासन की प्रक्रिया तेज कर दी है।

  • पिछले तीन वर्षों में कुल 771 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई।
  • बेंगलुरु शहर में सबसे अधिक 656 अवैध प्रवासी पाए गए।
  • 572 प्रवासियों को अब तक निर्वासित किया जा चुका है और 57 गिरफ्तार हैं।
  • पुलिस 'प्रोजेक्ट मुक्त' के तहत विशेष अभियान चला रही है।

कर्नाटक गृह विभाग द्वारा हाल ही में जारी आंकड़ों ने राज्य में अवैध प्रवास की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने विधानसभा में जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों के दौरान राज्य पुलिस ने 771 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की है। इन आंकड़ों का खुलासा हुबली-धारवाड़ पश्चिम के विधायक अरविंद बेलाड द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में किया गया।

आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि अवैध प्रवासियों का सबसे बड़ा केंद्र बेंगलुरु है। पहचाने गए 771 लोगों में से 656 बेंगलुरु शहर में रह रहे थे, जबकि 44 बेंगलुरु जिले में पाए गए। इसके अलावा, मंगलुरु में 23 और कोलार में 12 संदिग्ध अवैध प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से अधिकांश लोग कूड़ा बीनने (rag-pickers) का काम करते हुए पाए गए हैं।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि अवैध प्रवास न केवल सुरक्षा के लिए चुनौती है, बल्कि यह स्थानीय संसाधनों और जनसांख्यिकीय संतुलन पर भी दबाव डालता है। सरकार द्वारा 'प्रोजेक्ट मुक्त' जैसे विशेष अभियान चलाना यह दर्शाता है कि राज्य प्रशासन इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से देख रहा है।

प्रशासनिक निगरानी और डिजिटल पोर्टल्स का उपयोग अवैध घुसपैठ को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

गृह मंत्री ने बताया कि पुलिस अब डिस्ट्रिक्ट पुलिस मॉड्यूल और फॉरेनर्स आइडेंटिफिकेशन पोर्टल का उपयोग कर रही है ताकि संदिग्धों की पहचान और उन्हें हिरासत में लेने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जा सके। इसके लिए एक विशेष कार्य बल (Special Task Force) का भी गठन किया गया है।

हाल ही में, बेंगलुरु सिटी पुलिस ने व्हाइटफील्ड डिवीजन में एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें 105 संदिग्ध अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई। इसके साथ ही, पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ भी सख्त रुख अपनाया है जो बांग्लादेशी नागरिकों के बारे में फर्जी खबरें फैलाते हैं या उनके साथ हिंसा करते हैं। इस संबंध में हिंदुत्व कार्यकर्ता पुनीत केरहल्ली और नगेंद्रप्पा शिरूरु सहित चार लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं।

Did You Know?: कर्नाटक पुलिस अवैध प्रवासियों की पहचान के लिए अब उन्नत डिजिटल पहचान पोर्टल्स का उपयोग कर रही है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: 'प्रोजेक्ट मुक्त' क्या है?
उत्तर: यह बेंगलुरु में अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें हटाने के लिए पुलिस द्वारा चलाया जा रहा एक विशेष ऑपरेशन है।

प्रश्न 2: अब तक कितने प्रवासियों को वापस भेजा गया है?
उत्तर: पहचाने गए 771 लोगों में से 572 को अब तक निर्वासित किया जा चुका है।