दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान केवल 57.54% फॉर्म ही डिजिटाइज़ हो पाए हैं। समय सीमा समाप्त होने के करीब है, जिससे बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) पर भारी दबाव है।
मुख्य बातें
- मतदाता सूची के लिए केवल 57.54% फॉर्म अब तक डिजिटल किए गए हैं।
- BLO पर प्रतिदिन 60-70 फॉर्म पूरा करने का भारी दबाव है।
- वोटर अधिकार मंच ने फॉर्म वितरण और डिजिटल साक्षरता को लेकर सवाल उठाए हैं।
- प्रक्रिया की समय सीमा को बढ़ाकर 8 अगस्त तक कर दिया गया है।
नई दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का काम तेजी से चल रहा है, लेकिन आंकड़ों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हालांकि 99.91% फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक केवल 57.54% फॉर्म ही डिजिटाइज़ हो सके हैं।
बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) इस समय भारी कार्यभार और समय सीमा के बीच संघर्ष कर रहे हैं। एक BLO ने बताया कि उन पर प्रतिदिन 60-70 फॉर्म पूरे करने का 'अवास्तविक' लक्ष्य थोपा जा रहा है। इस अत्यधिक तनाव के कारण अधिकारियों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
यह क्यों महत्वपूर्ण है
BozokMedia विश्लेषण के अनुसार, मतदाता सूची की शुद्धता लोकतंत्र की नींव है। यदि डिजिटलीकरण की प्रक्रिया में त्रुटियां रह जाती हैं या डेटा अधूरा रहता है, तो आगामी चुनावों में पात्र मतदाताओं को मतदान करने में गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।
'अत्यधिक कार्यभार और डेटा विसंगतियों के कारण मतदाता सूची की सटीकता से समझौता होने का खतरा है।'
वहीं दूसरी ओर, नागरिक समूह 'वोटर अधिकार मंच' ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। समूह का आरोप है कि कई मतदाताओं को फॉर्म मिले ही नहीं हैं और डिजिटल साक्षरता की कमी के कारण फॉर्म पर गलत जानकारी दर्ज होने की आशंका बनी रहती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
भारत में मतदाता सूची का पुनरीक्षण एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम सूची में हो और कोई भी मृत या स्थानांतरित व्यक्ति सूची में न रहे। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यह कार्य और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का क्या उद्देश्य है?
इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र नागरिक पंजीकृत हों।
2. ड्राफ्ट रोल कब प्रकाशित होंगे?
संशोधित ड्राफ्ट रोल 17 अगस्त को प्रकाशित किए जाने की उम्मीद है।