कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने घोषणा की है कि पार्टी अब राज्य स्तरीय लोक सेवा आयोग परीक्षाओं में अनियमितताओं और गिग वर्कर्स के शोषण के खिलाफ आंदोलन करेगी।

मुख्य बातें

  • CJP अब राज्य स्तरीय लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षाओं में धांधली के खिलाफ मोर्चा खोलेगा।
  • डिलीवरी प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले गिग वर्कर्स के शोषण को रोकने के लिए नीतिगत सुधार की मांग।
  • 'क्या बोलती पब्लिक' अभियान के जरिए देश भर में जनसंपर्क बढ़ाने की योजना।
  • बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के युवाओं की समस्याओं पर विशेष ध्यान।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी का अगला लक्ष्य केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं है। देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित होने वाली लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और अनौपचारिक क्षेत्र के श्रमिकों, विशेषकर गिग वर्कर्स (जैसे फूड डिलीवरी पार्टनर) के शोषण के मुद्दों को अब CJP अपने मुख्य एजेंडे में शामिल करने जा रही है।

हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद, दीपके ने कहा कि वहां मौजूद भीड़ में केवल NEET छात्र ही नहीं थे, बल्कि वे युवा भी थे जो सरकारी नौकरियों की परीक्षाओं में हो रही धांधली से हताश हैं। उन्होंने विशेष रूप से बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तर प्रदेश के युवाओं का उल्लेख किया, जिनके लिए ये परीक्षाएं सामाजिक उत्थान का एकमात्र जरिया हैं।

क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

BozokMedia विश्लेषण से पता चलता है कि भारत में सरकारी नौकरियों की विश्वसनीयता में कमी आने से एक बड़ा सामाजिक असंतोष पैदा हो रहा है। जब लोक सेवा आयोग जैसी संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं, तो यह सीधे तौर पर देश की मध्यम और निम्न आय वर्ग की आकांक्षाओं पर प्रहार करता है।

'भारत में गिग वर्किंग का मौजूदा मॉडल सामाजिक विकास के बजाय केवल श्रम का शोषण बनकर रह गया है।' - अभिजीत दीपके

दीपके ने यह भी रेखांकित किया कि 2012 के बाद UPSC भर्ती मानदंडों में बदलाव ने मानविकी (Humanities) और क्षेत्रीय भाषा के छात्रों के लिए चुनौतियां पैदा कर दी हैं। इसके साथ ही, उन्होंने गिग वर्कर्स की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षा कवच (Safety Net) और उचित नीतिगत सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में प्रतियोगी परीक्षाओं की शुचिता हमेशा से एक संवेदनशील मुद्दा रही है। पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों ने छात्रों के बीच भारी आक्रोश पैदा किया है, जिससे नए राजनीतिक आंदोलनों का उदय हो रहा है।

क्या आप जानते हैं?: भारत में एक बड़ी आबादी अपनी सामाजिक स्थिति सुधारने के लिए पूरी तरह से सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं पर निर्भर है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. CJP का अगला बड़ा कदम क्या है?
CJP 'क्या बोलती पब्लिक' नामक एक व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू करेगा, जिसके तहत वे विभिन्न राज्यों में जाकर लोगों की समस्याओं को सुनेंगे।

2. गिग वर्कर्स से क्या तात्पर्य है?
गिग वर्कर्स वे लोग होते हैं जो डिजिटल प्लेटफॉर्म (जैसे Swiggy, Zomato) के माध्यम से अल्पकालिक या फ्रीलांस काम करते हैं।