राज्यसभा में विपक्षी नेता मलिकरजून खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह को छात्र विरोध पर पुलिस की बर्बरता का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि ‘जन शक्ति’ अंततः उन्हें जवाबदेह बनाएगी और पेपर लीक्स बिल केवल युवाओं को शांत करने के लिए लाया गया था।

मुख्य बिंदु

  • गृह मंत्री अमित शाह को छात्र विरोध पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और गैस इस्तेमाल का दायित्व दिया गया।
  • खड़गे ने गृह मंत्री से उत्तर देने की माँग की और यदि न किया तो इस्तीफा माँगा।
  • पेपर लीक्स बिल को सरकार ने युवाओं को शांत करने के लिये लाया, समाधान के लिये नहीं।

राज्यसभा के बरसात सत्र में विपक्ष के नेता मलिकरजून खड़गे ने गृह मंत्री अमित शाह को छात्र विरोध पर पुलिस की बर्बरता का मुख्य जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, “आप गृह मंत्री हैं, फिर भी इस हंगामे में आप मौन क्यों हैं?” और कहा कि ‘जन शक्ति’ एक दिन उन्हें बाहर खींच लेगी।

खड़गे ने स्पष्ट किया कि लाठीचार्ज, टियर गैस और साधारण कपड़ों वाले पुलिसकर्मियों द्वारा छात्रों पर हमला हुआ, जबकि कुछ राज्यों में एके‑47 राइफलों से भी गोलीबारी की गई। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस प्रकार की हिंसा को रोकने की कोई ठोस योजना नहीं है।

विपक्ष ने सार्वजनिक परीक्षा (अन्यायपूर्ण साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल, 2026 पर भी तीखा हमला किया। खड़गे ने बताया कि यह बिल केवल युवाओं को शांत करने के लिये लाया गया, जबकि परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक्स को रोकने के लिये कोई स्पष्ट उपाय नहीं दिया गया।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

पिछले दहाई में भारत में 152 विभिन्न राज्य और केंद्रीय परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों की लीक हुई है, जिससे छात्रों में व्यापक मानसिक तनाव और कई मामलों में आत्महत्या हुई। 2024 में हुए नेत्र परीक्षा (NEET) लीक्स में मुख्य आरोपी को सफ़ाई दी गई, जिससे न्याय प्रणाली पर सवाल उठे।

खड़गे ने कहा कि अगर संस्थानों और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया तो यह समस्या दोहराई जाएगी। उन्होंने सरकार से कहा कि कठोर दंड केवल कागज़ पर रहेगा, वास्तविक समाधान प्रणालीगत सुधार में है।

Why This Matters

BozokMedia analysis shows that the growing disconnect between youth protests and governmental response could destabilize public trust in democratic institutions, making the issue of police accountability and education reform pivotal for India’s future.

"सिविल समाज को पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कड़ी कानूनी ढाँचा चाहिए, नहीं तो लोकतंत्र की नींव कमजोर होगी," कहा संविधान विशेषज्ञ डॉ. रवींद्र गुप्ता।
Did You Know?: पिछले दो वर्षों में भारत में केवल 2024 में ही 12 प्रमुख परीक्षा पेपर लीक्स सामने आए हैं, जो पिछले दशक की तुलना में 30% अधिक है।

Frequently Asked Questions

खड़गे ने गृह मंत्री से क्या माँगा? उन्होंने उत्तर देने और यदि जवाब न देने पर इस्तीफा देने की माँग की।

पेपर लीक्स बिल में कौन से प्रमुख बदलाव सुझाए गए? बिल में उच्च जुर्माना, कड़ी सजा और फास्ट‑ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था शामिल है, लेकिन खड़गे ने कहा कि ये उपाय पर्याप्त नहीं हैं।