केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने राज्य सरकार के प्रस्तावित 'भारत जोड़ो क्लब' की कड़ी आलोचना करते हुए इसे असामाजिक तत्वों और गुंडागर्दी को बढ़ावा देने वाली योजना करार दिया है।

  • केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने भारत जोड़ो क्लब को 'गुंडागर्दी' को बढ़ावा देने वाला बताया।
  • योजना के तहत 6,000 पंचायतों में ₹10 लाख प्रति एसोसिएशन के वितरण पर सवाल उठाए।
  • कुल ₹1,000 करोड़ के बजट के स्रोत पर सरकार से स्पष्टता मांगी।
  • जिला आयुक्तों (DC) का उपयोग राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करने का आरोप लगाया।

केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने रविवार को बागलकोट जिले के गुलेडगुड में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'भारत जोड़ो क्लब' पर तीखा हमला बोला। कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि ग्रामीण युवाओं को संगठित करने के नाम पर शुरू किया गया यह कार्यक्रम वास्तव में राज्य में असामाजिक तत्वों और 'राउडी' तत्वों को संरक्षण देने का एक सुनियोजित प्रयास है।

मंत्री ने योजना के वित्तीय ढांचे पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार पंचायत स्तर पर 6,000 एसोसिएशन बनाने की योजना बना रही है और प्रत्येक को 10 लाख रुपये देने की बात कर रही है। उन्होंने गणना की कि इस पूरी परियोजना की लागत लगभग 1,000 करोड़ रुपये होगी, जिसके लिए फंड कहाँ से आएगा, इस पर सरकार पूरी तरह मौन है।

Why This Matters

BozokMedia विश्लेषण दर्शाता है कि यह विवाद केवल वित्तीय नहीं बल्कि प्रशासनिक है। कुमारस्वामी का यह दावा कि जिला आयुक्तों (DC) को इस प्रक्रिया में लगाया जा रहा है, यह संकेत देता है कि नौकरशाही का राजनीतिकरण हो रहा है। यदि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी निगरानी के भारी मात्रा में धन वितरित किया जाता है, तो इसके दुरुपयोग की संभावना बढ़ जाती है।

"बिना किसी स्पष्ट ऑडिट तंत्र के ग्रामीण स्तर पर धन का वितरण अक्सर स्थानीय बाहुबलियों के हाथों में सत्ता केंद्रित कर देता है।"

कुमारस्वामी ने इस योजना की तुलना आर. गुंडु राव के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान एफ.एम. खान द्वारा अपनाई गई नीतियों से की। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य में फिर से वही पुरानी संस्कृति लौट रही है जहाँ सरकारी संसाधनों का उपयोग करके निजी गुटबाजी और अराजकता को बढ़ावा दिया जाता था।

उन्होंने इस बात पर गहरा क्षोभ व्यक्त किया कि जिला आयुक्तों, जिन्हें जिले के प्रशासन और कानून-व्यवस्था को संभालना चाहिए, उन्हें इन क्लबों के गठन के कार्य में लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे प्रशासनिक मर्यादा का उल्लंघन बताया।

क्या आप जानते हैं?: कर्नाटक की राजनीति में 'पंचायत स्तर' पर संगठन बनाना हमेशा से ग्रामीण वोट बैंक को नियंत्रित करने का सबसे प्रभावी तरीका रहा है।

Frequently Asked Questions

प्रश्न 1: भारत जोड़ो क्लब का मुख्य उद्देश्य क्या बताया गया है?
सरकार के अनुसार इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को संगठित करना है, जबकि विपक्ष इसे गुंडागर्दी को बढ़ावा देने वाला बता रहा है।

प्रश्न 2: कुमारस्वामी ने इस योजना पर वित्तीय आपत्ति क्यों जताई?
उनका तर्क है कि 6,000 एसोसिएशनों को 10-10 लाख रुपये देने से 1,000 करोड़ का खर्च आएगा, जिसका कोई स्पष्ट स्रोत नहीं है।